रायगढ़ । जिला जेल में आबकारी एक्ट में बंद एक विचाराधीन बंदी की इलाज के दौरान मौत हो गई है। मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। परिजनों ने इस मामले में जेल प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाते हुए जांच की मांग की है। मृतक 38 साल का था।
तमनार थाना क्षेत्र के ग्राम डोलेसरा कठरापाली निवासी सुरेश रात्रे को तमनार पुलिस ने आबकारी एक्ट में गिरफ्तार कर जेल भेजा था। आज सुबह उसकी तबीयत अचानक बिगड़ गई। उसे तत्काल जिला अस्पताल ले जाया गया। वहां चिकित्सकों ने प्रारंभिक जांच के दौरान ही उसे मृत घोषित कर दिया।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों का पता चल पाएगा। मृतक के भाई नरेश कुमार रात्रे ने बताया कि वह सुबह भाई से मिलने जेल पहुंचा था। उसे अस्पताल ले जाने की सूचना मिली और वहां मौत की जानकारी दी गई। नरेश ने जेल में ही भाई की मौत होने का दावा किया और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की।
जेलर का बयान : रायगढ़ जिला जेल के जेलर जीएस शोरी ने बताया कि सुरेश रात्रे को 30 अप्रैल को आबकारी एक्ट में जेल दाखिल किया गया था। 2 मई को उसके व्यवहार में बदलाव आने पर उसे अस्पताल भेजा गया। इस दौरान पता चला कि सुरेश रात्रे शराब पीने का आदी था। बैरक में ही उसे दवा दी जा रही थी। आज सुबह 9:30 बजे उसकी स्थिति गंभीर होने पर अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी मौत हो गई।
परिजनों के आरोप : मृतक सुरेश रात्रे के भाई नरेश रात्रे ने तमनार पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने बताया कि शुक्रवार को सुरेश को एक लीटर शराब के साथ पकड़ा गया था। पुलिस ने बाहर से शराब लाकर 10 लीटर शराब का झूठा केस बनाया। इसके बाद उसे जेल भेजा गया था। नरेश ने कहा कि आज जब वे जेल पहुंचे तो उन्हें भाई की मौत की खबर मिली।







