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छत्तीसगढ़

फ्यूल संकट के बीच बड़ा फैसला : छत्तीसगढ़ के इस जिले में तय हुई पेट्रोल-डीजल की सीमा

गौरेला-पेंड्रा-मरवाही। जिले में पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति को सुचारु बनाए रखने के लिए प्रशासन ने सख्त कदम उठाए हैं। कलेक्टर संतोष कुमार देवांगन ने वाहनों के लिए ईंधन की निर्धारित सीमा तय करने का आदेश जारी किया है। इस व्यवस्था का उद्देश्य जिले में ईंधन की उपलब्धता को संतुलित बनाए रखना है।

इसका लक्ष्य कालाबाजारी और अनावश्यक भंडारण पर रोक लगाना भी है। प्रशासन के निर्देशों के अनुसार, बड़े वाहनों को अधिकतम 100 लीटर तक ईंधन मिलेगा। कारों के लिए 20 लीटर की सीमा निर्धारित की गई है। वहीं, दोपहिया वाहनों को केवल 2 लीटर तक पेट्रोल उपलब्ध कराया जाएगा।

सभी पेट्रोल पंप संचालकों को इन निर्देशों का कड़ाई से पालन करने के आदेश दिए गए हैं। जिले के कई क्षेत्रों में पिछले कुछ दिनों से पेट्रोल और डीजल की कमी बनी हुई थी। मरवाही और लोहारी क्षेत्र के कुछ पेट्रोल पंपों में ईंधन समाप्त होने की खबरें आई थीं। इससे आम लोगों में चिंता बढ़ गई थी और कई स्थानों पर लंबी कतारें भी देखी गई थीं।

कमी और नियंत्रण के उपाय :  जिले में ईंधन की कमी की स्थिति को नियंत्रित करने के लिए यह नई व्यवस्था लागू की गई है। इसका उद्देश्य सभी उपभोक्ताओं तक सीमित मात्रा में ईंधन पहुंचाना है। कलेक्टर ने स्पष्ट किया है कि आदेशों की अवहेलना करने वाले पेट्रोल पंप संचालकों पर नियमानुसार कार्रवाई होगी। प्रशासनिक टीमों को लगातार निगरानी करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि कोई अनियमितता न हो।

बेहतर प्रबंधन और जन अपील
प्रशासन का मानना है कि निर्धारित सीमा के अनुसार ईंधन वितरण से बेहतर प्रबंधन हो सकेगा। इससे आम नागरिकों को अनावश्यक परेशानियों का सामना नहीं करना पड़ेगा। लोगों से भी अपील की गई है कि वे आवश्यकता अनुसार ही ईंधन लें। साथ ही, उन्हें अफवाहों पर ध्यान न देने की सलाह दी गई है।

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