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भुबनेश्वर

ओडिशा में चाचा ने मूक-बधिर भतीजी से किया दुष्कर्म, नवजात के डीएनए से खुला राज

बामडा। संबलपुर जिला के आदिवासी बहुल बामडा प्रखंड रंगियाटिकिरा गांव में चाचा भतीजी के पवित्र रिश्ते को शर्मसार करने वाला वाकया से समूचे अंचल वासियों को विचलित कर दिया है। एक 53 साल के चाचा ने अपनी 15 साल की मूक बधिर, मानसिक दिव्यांग भतीजी के साथ दुष्कर्म किया है। पीड़िता गर्भवती हो गई और उसने एक बच्ची को जन्म दिया है और उसके बाद घटना का पर्दाफाश हुआ है।

नवजात बच्ची के डीएनए से चाचा द्वारा दुष्कर्म की घटना सामने आई है। घटना उजागर होने पर अंचल में आक्रोश देखा जा रहा है और चाचा-भतीजी के पवित्र रिश्ते को कलंकित करने वाले मामले से लोग विचलित दिखे। सूचना अनुसार रंगियाटिकिरा गांव के एक दंपति पहले फरवरी 25 तारीख को गोबिंदपुर थाने में उनकी 15 साल की मूक बधिर, मानसिक दिव्यांग बेटी की गर्भवती होने की लिखित शिकायत दर्ज कराई और न्याय की गुहार लगाई। गोबिंदपुर पुलिस ने पोस्को एक्ट और बीएनएस की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर घटना की जांच में जूट गई थी।

थाना अधिकारी पदमालया साहू के लिए ये मामला बहुत ही चैलेंजिंग था, क्योंकि पीड़िता मूक बधिर और मानसिक विक्षिप्त होने के कारण न आरोपी के विषय में कुछ नहीं बता पा रही थी। पुलिस ने पीड़िता को संबलपुर डीडब्ल्यूसी में पेस करने के बाद उसको संबलपुर डिस्ट्रिक्ट हॉस्पिटल में भर्ती कराया था। जहां पर 19 मार्च को पीड़िता ने एक शिशु कन्या को जन्म दिया था। थाना अधिकारी पदमालया ने शिशु कन्या और उसके नजदीकी रिश्तेदार तथा कुछ पड़ोसियों का रक्त संग्रह कर डीएनए टेस्ट के लिए भेजा था।

डीएनए रिपोर्ट में नवजात शिशु कन्या का डीएनए उसके चाचा शुतूगन हांसदा (53) का डीएनए से मैच होने पर मंगलवार को आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया था। चाचा सुतूगन ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। आरोपी सूतूगन का बयान दर्ज करने और मेडिकल परीक्षण के बाद थाना अधिकारी पदमालया साहू ने मंगलवार रात को न्यायिक हिरासत में संबलपुर पोस्को कोर्ट में पेश किया था, जहां जमानत न मिलने पर जेल भेज दिया गया है।

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