जापान के दक्षिणी कुमामोटो प्रांत में मंगलवार को 7.1 तीव्रता का भूकंप आया। जापान मौसम विज्ञान एजेंसी ने यह जानकारी दी। भूकंप के बाद जापान मौसम विज्ञान एजेंसी ने 1 मीटर (3.28 फीट) ऊंची लहरों वाली सुनामी की चेतावनी जारी की है। जापान सरकार ने दक्षिणी क्यूशू द्वीप के कुमामोटो, नागासाकी, कागोशिमा, फुकुओका, सागा, ओइता और मियाजाकी प्रांतों के लिए आपातकालीन भूकंप चेतावनी जारी की है। मौसम एजेंसी ने लोगों को समुद्र और तटों से दूर रहने की सलाह दी है।
जापान दुनिया के सबसे ज्यादा भूकंप प्रभावित देशों में से एक है। यहां कम से कम हर पांच मिनट में भूकंप के झटके महसूस किए जाते हैं। जापान प्रशांत महासागर के चारों ओर फैले ज्वालामुखियों और समुद्री गर्तों वाले क्षेत्र ‘रिंग ऑफ फायर’ में स्थित है। दुनिया में 6.0 या उससे ज्यादा तीव्रता वाले भूकंपों में से करीब 20 फीसदी जापान में आते हैं।
यह भूकंप वर्ष 2016 में कुमामोटो में आए विनाशकारी भूकंपों के करीब 10 साल बाद आया है। अप्रैल 2016 में आए दो बड़े भूकंपों में 278 लोगों की मौत हुई थी और लगभग 2,800 लोग घायल हुए थे। उस आपदा में ऐतिहासिक कुमामोटो कैसल को भारी नुकसान पहुंचा था, जिसकी बहाली का काम 2052 तक पूरा होने की उम्मीद है।
भूकंप के झटके पड़ोसी देश दक्षिण कोरिया के कुछ हिस्सों में भी महसूस किए गए। योनहाप न्यूज एजेंसी के अनुसार, दक्षिण-पूर्वी बंदरगाह शहर बुसान में अधिकारियों ने बताया कि भूकंप महसूस होने की सूचना देने के लिए 157 फोन कॉल आए और कई अन्य कॉल आने की प्रक्रिया जारी थी। कुछ लोगों ने एहतियात के तौर पर सुरक्षित स्थानों की ओर रुख किया।
चीन के छिंगहाई प्रांत में 20 मिनट के भीतर आए दो भूकंप : इससे पहले, चीन के एक दूरदराज प्रांत में भी मंगलवार सुबह करीब 20 मिनट के अंतराल में दो भूकंप के झटके महसूस किए गए। अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (यूएसजीएस) ने बताया कि चीन के छिंगहाई प्रांत में सुबह 11 बजकर 16 मिनट और 11 बजकर 34 मिनट पर भूकंप के झटके महसूस किए गए। इनकी तीव्रता क्रमशः 5.7 और 5.8 थी। दोनों भूकंप जमीन से 10 किलोमीटर (6 मील) की गहराई पर आए। भूकंप से किसी के हताहत होने की तत्काल कोई सूचना नहीं है।







