Home » सत्य निकेतन इमारत हादसा : एक और शव बरामद होने के बाद मृतकों की संख्या 7 पहुंची, सर्च ऑपरेशन जारी
दिल्ली-एनसीआर देश

सत्य निकेतन इमारत हादसा : एक और शव बरामद होने के बाद मृतकों की संख्या 7 पहुंची, सर्च ऑपरेशन जारी

नई दिल्ली।दक्षिण दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में रविवार (6 सितंबर) को एक 5 मंजिला इमारत गिरने से अब तक 7 लोगों की मौत हो चुकी है और 12 लोगों को रेस्क्यू किया जा चुका है। युद्ध स्तर पर खोज और बचाव अभियान चलाया जा रहा है। मलबे में खोज अभियान के दौरान NDRF के डॉग्स की मदद ली जा रही है। मलबे को भी धीरे-धीरे हटाया जा रहा है। गौरतलब है कि रविवार को दिल्ली के सत्य निकेतन में एक पांच मंजिला इमारत भरभराकर गिर गई थी। अचानक घटी इस घटना से इमारत के अंदर मौजूद लोगों को संभलने का भी मौका नहीं मिला और वह मलबे के नीचे दब गए।

बचाव दल अभी भी मलबे में किसी अन्य व्यक्ति के फंसे होने की आशंका को देखते हुए सर्च ऑपरेशन चला रहे हैं।  बता दें कि इमारत गिरने का सीसीटीवी फुटेज में भी सामने आया है।  जिसमें दिख रहा कि कैसे पल भर में इमारात जमींदोज हो गई।

दिल्ली पुलिस के अनुसार, प्रारंभिक स्थानीय जांच में सामने आया कि हादसे की चपेट में आई इमारत करीब 40 से 50 वर्ष पुरानी थी। इमारत में बेसमेंट के अलावा पांच ऊपरी मंजिलें थीं और इसका इस्तेमाल पीजी आवास के तौर पर किया जा रहा था। घटना के समय बेसमेंट में मरम्मत का काम चल रहा था। इसी दौरान अचानक इमारत का हिस्सा ढह गया और वहां मौजूद लोग मलबे में दब गए।

MCD पर उठ रहे सवालों पर आया जबाव :  सत्य निकेतन में इमारत गिरने की घटना के बाद नगर निगम की कार्रवाई पर सवाल उठ रहे हैं।  सामने आए MCD के आदेश के मुताबिक, सत्य निकेतन स्थित भवन संख्या-13 को पहले ही जर्जर और खतरनाक घोषित किया जा चुका था।  निगम ने संपत्ति मालिक/कब्जाधारी को इसे तीन दिन के भीतर ध्वस्त करने का निर्देश दिया था। MCD के आदेश में कहा गया था कि भवन की स्थिति अत्यंत जर्जर और खतरनाक है। इससे भवन में रहने वाले लोगों के साथ-साथ वहां आने-जाने वाले लोगों और आसपास के क्षेत्र में मौजूद लोगों की सुरक्षा को खतरा है।  इसी आधार पर दिल्ली नगर निगम अधिनियम, 1957 की धारा 348 और धारा 491 के तहत कार्रवाई करते हुए भवन को तीन दिनों के भीतर गिराने का आदेश जारी किया गया था।

आदेश में स्पष्ट किया गया था कि यदि निर्धारित अवधि में संपत्ति को स्वयं ध्वस्त नहीं किया गया तो MCD की ओर से खतरनाक भवन को गिराया जाएगा। इसके साथ ही ध्वस्तीकरण पर आने वाला खर्च संबंधित व्यक्ति से नगर निगम कर के बकाये की तरह वसूल किए जाने की बात भी आदेश में कही गई थी।

सीएम ने लिया घटना स्थल का जायजा :  हादसे के बाद मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने घटनास्थल का जायजा लिया और अधिकारियों से राहत एवं बचाव अभियान की जानकारी ली। प्रारंभिक आकलन के आधार पर मुख्यमंत्री ने हादसे की मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए हैं। साथ ही इमारत के मालिक के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए गए हैं।

Search