कपूरथला। पंजाब के कपूरथला से एक अजीब मामला सामने आया है। यहां एक परिवार के ‘लापता’ बेटे के बारे में सूचना मिली कि उसकी मौत हो गई। पुलिस ने शव भी सौंप दिया। परिवार वालों ने शव का अंतिम संस्कार किया और मृत्युभोज भी हो गया। इसके बाद एक दिन कपूरथला जेल से फोन आया। फोन के दूसरी तरफ से जो सूचना परिवार को मिली, वो सुनकर उनके पांवों तले जमीन खिसक गई। जेल के एक कर्मचारी ने बताया कि परिवार ने जिस बेटे का अंतिम संस्कार और मृत्युभोज तक कर दिया है, वो जिंदा है और जेल में बंद है।
कपूरथला पुलिस को करीब तीन हफ्ते पहले कंजली के पास एक लाश मिली थी। सड़ी-गली हालत में बरामद ये लाश किसी अज्ञात युवक की थी। बाद में इस लाश की पहचान कडूपुर गांव के रहने वाले टीटी कुमार के बेटे रवि कुमार के तौर पर की गई। रवि कुमार कई दिनों से लापता बताया जा रहा था। पुलिस ने परिजन के बयान दर्ज करने के बाद शव टीटी कुमार को सौंप दिया। बीती 13 अगस्त को उसका अंतिम संस्कार किया गया और 15 अगस्त को मृत्युभोज भी हो गया।
सेंट्रल जेल से फोन आया
इस केस में परिवार अपने बेटे को ‘मरा हुआ’ मान चुका था, लेकिन एक दिन एक फोन आया और पूरी कहानी पलट गई। ये फोन था कपूरथला सेंट्रल जेल के एक कर्मचारी का। परिवार के अनुसार, जेल कर्मचारी ने उन्हें बताया कि रवि जेल में बंद है। इस जानकारी पर पहले तो परिवार को यकीन नहीं हुआ। लिहाजा, परिवार के सदस्य दावे की पुष्टि करने जेल गए. वहां रवि को जिंदा देखकर हैरान रह गए।
परिवार के मुताबिक, रवि ने उन्हें बताया कि उसे 6 अगस्त को जालंधर पुलिस ने पकड़ा था और बाद में जेल भेज दिया। उस पर ‘आवारा लोगों की तरह यहां-वहां भटकने’ का आरोप था। हालांकि, परिवार ने रवि के जिंदा मिलने पर राहत की सांस ली, लेकिन इस खुलासे ने एक नया सवाल खड़ा कर दिया। सवाल ये कि कंजली के पास मिली और रवि कुमार समझकर जिसका अंतिम संस्कार किया गया, वह लाश किसकी थी? जांचकर्ता अब यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि पहचान में यह गलती कैसे हुई और क्या इसमें कोई चूक हुई थी?
डीएसपी शीतल सिंह ने कहा कि शुरुआती जांच से पता चला है कि रवि पहले भी कई बार जेल जा चुका है। उन्होंने पुष्टि की कि रवि को 6 अगस्त को जालंधर पुलिस ने पकड़ा था। डीएसपी ने कहा कि मामले के कई पहलू संदिग्ध लग रहे हैं और उनकी गहन जांच की जाएगी।







