नई दिल्ली। दिल्ली विश्वविद्यालय के दक्षिणी परिसर के पास स्थित सत्य निकेतन बिल्डिंग हादसे को लेकर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बड़ा एक्शन लिया है। हादसे के बाद लापरवाही को लेकर MCD के 5 अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया है। निलंबित किए गए अधिकारियों में MCD के डिप्टी कमिश्नर, एग्जीक्यूटिव इंजीनियर, सुप्रीटेंडेंट इंजीनियर, अस्सिटेंट इंजीनियर और जूनियर इंजीनियर शामिल हैं।
| अधिकारी | पद |
|---|---|
| राकेश कुमार | डिप्टी कमिश्नर (साउथ जोन) |
| रणवीर सिंह | सुपरिंटेंडिंग इंजीनियर |
| ललित कुमार गोयल | एग्जीक्यूटिव इंजीनियर (बिल्डिंग) |
| सुनील चौहान | असिस्टेंट इंजीनियर (बिल्डिंग) |
| आशीष कुमार | जूनियर इंजीनियर (बिल्डिंग) |
पहली बार डिप्टी कमिश्नर पर एक्शन
कार्रवाई में दक्षिण जोन के डिप्टी कमिश्नर राकेश कुमार का निलंबन सबसे अहम माना जा रहा है। जारी आदेश के अनुसार उन्हें MCD के आयुक्त के 7 सितंबर के आदेश के तहत तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है।
रिपोर्ट के मुताबिक किसी इमारत के गिरने के मामले में डिप्टी कमिश्नर स्तर के अधिकारी के निलंबन का यह पहला मामला बताया जा रहा है। राकेश कुमार बिहार से प्रतिनियुक्ति पर MCD में सेवाएं दे रहे थे।
बिल्डिंग के मालिक की लापरवाही से हुई घटना: CM
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सोमवार को लगातार दूसरे दिन घटनास्थल पर पहुंचकर राहत एवं बचाव कार्यों का जायजा लिया। वहीं, दिल्ली पुलिस ने इमारत के मालिक हरि राम के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी किया है। सीएम रेखा गुप्ता ने कहा, बिल्डिंग के मालिक की लापरवाही की वजह से ये घटना हुई है।यह बहुत पुरानी बिल्डिंग थी और बेसमेंट में पानी भरने की वजह से इसके पिलर गिर गए और पूरी इमारत ढह गई।”
यह इमारत रविवार दोपहर करीब 1:30 बजे मरम्मत कार्य के दौरान ढह गई। इसमें लड़कों का ‘पेइंग गेस्ट’ (पीजी) आवास था। 5 मंजिला इमारत गिरने से अब तक 7 लोगों की मौत हो चुकी है और 12 लोगों को रेस्क्यू किया जा चुका है। युद्ध स्तर पर खोज और बचाव अभियान चलाया जा रहा है। मलबे में फंसे लोगों की तलाश के लिए दिल्ली पुलिस, दिल्ली अग्निशमन सेवा, NDRF और DDMA की टीमें लगातार रेस्क्यू ऑपरेशन चला रही हैं। NDRF के IG नरेंद्र बुंदेला ने बताया कि मलबे में फंसे लोगों की निश्चित संख्या की जानकारी अभी नहीं है और बचाव अभियान देर रात तक जारी रह सकता है।







