कोलकाता/चेन्नई। लोकतंत्र के महापर्व में आज पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में वोट डाले गए। पश्चिम बंगाल में पहले चरण के तहत 152 सीटों पर मतदान कराए गए। तमिलनाडु में सभी 234 सीटों पर एक ही चरण में वोट डाले गए। शाम छह बजे आधिकारिक रूप से मतदान समाप्त हो गया।
पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में इस बार रिकॉर्डतोड़ मतदान देखने को मिला है। दोनों राज्यों में इतनी बड़ी संख्या में वोट पड़े कि पिछले सभी रिकॉर्ड टूट गए और सियासी दलों के बीच जीत के दावे तेज हो गए। तमिलनाडु में 85.13 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया, जो पिछले चुनाव के मुकाबले करीब 12 प्रतिशत ज्यादा है। वहीं, पश्चिम बंगाल में पहले चरण की 152 सीटों पर 92.57 प्रतिशत मतदान हुआ, जो पिछले चुनाव से लगभग 10 प्रतिशत अधिक है। बता दें कि देश के इतिहास में यह पहली बार है जब किसी विधानसभा चुनाव में 90 प्रतिशत से ज्यादा वोटिंग दर्ज की गई है।
बंगाल में मतदाताओं के इस उत्साह को लेकर सभी राजनीतिक दल अपने-अपने दावे कर रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रिकॉर्ड मतदान पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि भारी मतदान यह संकेत देता है कि राज्य में बदलाव तय है और भाजपा की सरकार बनना निश्चित है। उन्होंने यह भी कहा कि 50 साल में उन्होंने बंगाल में इतना शांतिपूर्ण चुनाव नहीं देखा और यह ‘भय के खिलाफ भरोसे का चुनाव’ है।
दूसरी ओर, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बीजेपी के दावों पर सवाल उठाते हुए कहा कि पार्टी इतनी जल्दी जीत का दावा कैसे कर रही है। उन्होंने पूछा कि क्या EVM में कोई गड़बड़ी या चिप लगाई गई है, जिससे BJP को पहले से ही नतीजों का अंदाजा हो रहा है।
ममता बनर्जी ने तीखे शब्दों में कहा कि उन्हें उम्मीद नहीं थी कि बीजेपी इतनी ‘महामूर्ख’ पार्टी हो सकती है, जो सिर्फ मतदान प्रतिशत के आधार पर जीत का दावा करे। ममता ने आरोप लगाया कि क्या इसका मतलब यह है कि बीजेपी गड़बड़ी की तैयारी कर रही है और केंद्रीय बलों के जरिए EVM पर कब्जा करने की कोशिश होगी।
वहीं, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि बंगाल की जनता तृणमूल कांग्रेस के ‘सिंडिकेट राज’ से मुक्ति चाहती है और इसी वजह से बंपर वोटिंग हुई है। उन्होंने दावा किया कि मतदान प्रतिशत से साफ है कि तृणमूल सरकार का अंत तय है और राज्य में बीजेपी की सरकार बनेगी।
फिलहाल वोटिंग शांतिपूर्ण रहा और अब जनता को परिणाम का इंतजार है।







