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अनाहत सिंह ने रचा इतिहास : विश्व जूनियर स्क्वैश चैंपियनशिप जीती, खिताब जीतने वाली पहली भारतीय बनीं

नई दिल्ली। दिल्ली की अनाहत सिंह ने विश्व जूनियर स्क्वैश चैंपियनशिप जीतकर इतिहास रच दिया है। वह यह खिताब जीतने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी बनी हैं। भारत की 18 साल की स्क्वैश खिलाड़ी अनाहत सिंह ने वर्ल्ड स्क्वैश जूनियर चैंपियनशिप 2026 का खिताब जीता। शनिवार को खेले गए गर्ल्स सिंगल्स फाइनल में टॉप सीड अनाहत ने मिस्र की दूसरी वरीयता प्राप्त रुक्या सलेम को 11-3, 11-7, 11-9 से हराया। इसके साथ ही वे जूनियर वर्ल्ड चैंपियन बनने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी बन गईं।

जोशना चिनप्पा का 21 साल पुराना रिकॉर्ड टूटा :  इससे पहले भारत का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 2005 में रहा था, जब जोशना चिनप्पा फाइनल तक पहुंची थीं। अनाहत ने अब भारत को इस टूर्नामेंट का पहला गोल्ड दिलाया।

मिस्र का 15 साल पुराना दबदबा खत्म :  गर्ल्स जूनियर वर्ल्ड चैंपियनशिप में 2011 से लगातार मिस्र की खिलाड़ी खिताब जीत रही थीं। अनाहत ने फाइनल में रुक्या सलेम को हराकर यह सिलसिला तोड़ दिया। उन्होंने पूरे टूर्नामेंट में 6 मैच खेले और सिर्फ 2 गेम गंवाए।

पिछले साल ब्रॉन्ज जीता था :  अनाहत ने पिछले साल जूनियर वर्ल्ड चैंपियनशिप में ब्रॉन्ज मेडल जीता था। इस बार उन्होंने उसे गोल्ड में बदल दिया। चार बार की चैंपियन मिस्र की अमीना ओर्फी उम्र सीमा के कारण इस बार टूर्नामेंट में नहीं खेलीं।

दूसरे भारतीय खिलाड़ियों का प्रदर्शन :  गर्ल्स वर्ग में अनाहत के अलावा रुद्र सिंह, अनिका दुबे और शानवी कलंकी राउंड ऑफ-32 में बाहर हो गईं। बॉयज वर्ग में आर्यवीर दीवान भारत के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी रहे। वे प्री-क्वार्टर फाइनल तक पहुंचे। युशा नफीस और गुरवीर सिंह राउंड ऑफ-32, जबकि पुरव रामभिया राउंड ऑफ-64 में हार गए।

अनाहत सिंह की जीत क्यों खास

  1. अनाहत सिंह जूनियर विश्व स्क्वैश चैंपियन बनने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी बन गई हैं।
  2. फाइनल में उन्होंने मिस्र की दूसरी वरीय रुकय्या सालेम को 3-0 (11-3, 11-7, 11-9) से हराया।
  3. 18 वर्षीय अनाहत ने पूरे फाइनल में शुरुआत से अंत तक अपना दबदबा बनाए रखा।
  4. उन्होंने जोशना चिनप्पा के 2005 के उपविजेता प्रदर्शन को पीछे छोड़ते हुए भारत को पहला जूनियर विश्व खिताब दिलाया।
  5. अनाहत ने पूरे टूर्नामेंट में छह मैच खेले और सिर्फ दो गेम गंवाए, जो उनके शानदार प्रदर्शन को दर्शाता है।
  6. उन्होंने अभियान की शुरुआत ऑस्ट्रेलिया की लिली विल्सन को सीधे गेमों में हराकर की।
  7. इसके बाद हॉन्गकॉन्ग की क्लो लो और मलयेशिया की डॉयस ली को हराकर क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई।
  8. क्वार्टर फाइनल में उन्होंने मिस्र की हबीबा रिज्क को 3-1 से मात दी।
  9. सेमीफाइनल में भी उन्होंने मिस्र की बार्ब सामेह को 3-1 से हराकर फाइनल का टिकट कटाया।
  10. फाइनल में सालेम को हराकर अनाहत ने 2011 से चले आ रहे मिस्र के लगातार जूनियर विश्व खिताब जीतने के सिलसिले को भी खत्म कर दिया।
  11. पिछले साल काहिरा में अनाहत ने कांस्य पदक जीतकर भारत का 15 साल का व्यक्तिगत पदक का इंतजार खत्म किया था, इस बार उन्होंने उसे स्वर्ण में बदल दिया।

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