कोरबा। बेरोजगारी ने ऐसे मुह फाड़ा हुआ है कि बेरोजगारी नौकरी के लिए कुछ भी दाम चुकाने के लिए तैयार है। जिसका फायदा कुछ लोग उठाते आ रहे है। ऐसा ही एक मामला दीपका केसीसी कम्पनी में सामने आया है, जंहा बेरोजगारो से नौकरी के नाम पर 15-15 हजार रुपये ठग लिया गया है, जिसकी शिकायत जिला पुलिस अधीक्षक से की गई है ।
ज्ञात हो कि बेरोजगार रोजगार की तलाश में भटकता आ रहा है, लेकिन रोजगार नही मिल रहा है। जहां आस वंहा रास जैसी स्थिति निर्मित हो रही है। कुछ लोग ऐसे में बेरोजगार को रोजगार दिलाने का झांसा देकर ठगी का खेल खेल रहे है । कुसमुंडा दीपका में कई कंपनियां काम कर रही है, जिसमे स्थानीय बेरोजगारों को रोजगार उपलब्ध कराया गया है पर इसी कम्पनी में काम करने वाले पैसे के लालच में कुछ लोगो से ठगी करने में लगे है।
बताया जा रहा है कि दीपका के केसीसी कंपनी में इंचार्ज तुलसी बारिक ऐसे ही। पवन दास अमित कुमार शत्रुघ्न केवट, रितेश कुमार देवचारण और मनोज कुमार इन 6 लोगों को केसीसी कंपनी में काम लगाने के नाम से एडवांस के रूप में 15-15 हजार रुपये की मांग किया गया था, जिसे बेरोजगारों ने अपने घर और जेवर को गिरवी रखकर अर्पित कुमार और बप्पी महाभोई के खाते में पैसे डाले गए थे। 7 मार्च 2024 को पैसे देने के बाद इन लोगों को 7 दिवस के भीतर नौकरी दिलाने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन आज दिनांक तक बेरोजगारों को नौकरी नही दिया गया है और ना ही उनके दिए गए पैसे लौटाया गए है।
ठगी का शिकार युवकों ने मामले की शिकायत जिला पुलिस अधीक्षक से की है। ठगी का शिकार बेरोजगारों ने जिला प्रशासन को इस बात की जानकारी दी गई है कि उनके पैसे नही लौटाए जाने की स्थिति में केसीसी कंपनी के गेट पर आंदोलन किया जाएगा। अब देखना है कि जिला पुलिस अधीक्षक से की गई शिकायत पर किस तरह की कार्यवाही की जाती है।







