बुधवार 12 अगस्त को साल का आखिरी सूर्य ग्रहण होने जा रहा है, जिसे यूरोप से लेकर अमेरिका तक देखा जाएगा। ग्रहण की पूर्णता के दौरान 2 मिनट 18 सेकंड तक आसमान में अंधेरा छा जाएगा।
साल का दूसरा सूर्य ग्रहण सावन शिवरात्रि के अगले दिन यानी श्रावण अमावस्या पर लगने जा रहा है। इस अमावस्या को हरियाली अमावस्या के नाम से भी जाना जाता है। यह एक कंकणाकृति सूर्य ग्रहण होगा। जिसे वलयाकार सूर्य ग्रहण के नाम से भी जाना जाता है। इस ग्रहण के दौरान चंद्रमा सूर्य को इस तरह से ढकता है जिससे सूर्य का बाहरी हिस्सा प्रकाशित रहता है और अंदर का हिस्सा पूरी तरह से ढक जाता है। जिससे सूर्य के चारों ओर एक चमकती हुई अंगूठी या छल्ले जैसी आकृति बन जाती है। चलिए जानते हैं ये सूर्य ग्रहण कब और कहां-कहां लगने जा रहा है।
सूर्य ग्रहण क्या है? : सूर्य ग्रहण उस खगोलीय घटना को कहते हैं, जब अंतरिक्ष में सूर्य, चंद्रमा और पृथ्वी एक सीध में आ जाते हैं। चंद्रमा के बीच में होने की वजह से सूर्य की रोशनी पृथ्वी तक नहीं पहुंच पाती। पूर्ण सूर्य ग्रहण के दौरान सूरज का कोरोना पूरी तरह छिप जाता है और इसके चलते दिन में अंधेरे जैसा महसूस होता है।
इस ग्रहण के दौरान चंद्रमा सूर्य को इस तरह से ढकता है जिससे सूर्य का बाहरी हिस्सा प्रकाशित रहता है और अंदर का हिस्सा पूरी तरह से ढक जाता है। जिससे सूर्य के चारों ओर एक चमकती हुई अंगूठी या छल्ले जैसी आकृति बन जाती है। चलिए जानते हैं ये सूर्य ग्रहण कब और कहां-कहां लगने जा रहा है।
साल का दूसरा सूर्य ग्रहण 12 अगस्त 2026, बुधवार को लगने जा रहा है। ग्रहण की शुरुआत 12 अगस्त 2026 की रात 9 बजकर 4 मिनट पर होगी और समापन सुबह 4 बजकर 25 मिनट पर होगा। ये ग्रहण लगभग साढ़े 7 घंटे लगा रहेगा। पंचांग अनुसार यह सूर्य ग्रहण कर्क राशि और अश्लेषा नक्षत्र में लगने जा रहा है।
12 अगस्त 2026 का सूर्य ग्रहण कहां-कहां दिखाई देगा : 12 अगस्त का सूर्य ग्रहण वलयाकार रूप में अधिकांश यूरोपीय देशों कनाडा, रूस का उत्तर पूर्वी क्षेत्र और में दिखाई देगा। तो वहीं खग्रास रूप से ग्रीनलैंड, आइसलैंड, अटलांटिक महासागर, आर्कटिक उत्तरी स्पेन, पुर्तगाल के सुधार उत्तर पूर्वी क्षेत्र में दिखेगा। जबकि खंड ग्रास के रूप में फ्रांस, ब्रिटेन और यूरोप के अधिकतर देशों में दिखाई देगा। लेकिन भारत में ये ग्रहण नहीं दिखेगा।
सूर्य ग्रहण का सूतक काल समय : सूर्य ग्रहण का सूतक काल ग्रहण लगने से 12 घंटे पहले शुरू हो जाता है। लेकिन 12 अगस्त के सूर्य ग्रहण का सूतक मान्य नहीं होगा। ऐसा इसलिए है क्योंकि ये ग्रहण भारत से दिखाई नहीं दे रहा है। यह केवल वहां मान्य होता है जहां ग्रहण प्रत्यक्ष दिखाई देता है।
गर्भवती महिलाओं को क्या सावधानियां बरतनी चाहिए? : सूर्य ग्रहण के समय गर्भवती महिलाओं को घर से बाहर निकलने से बचना चाहिए। सिलाई-कढ़ाई, चाकू-कैंची यानी काटने-छीलने वाले काम भूलकर भी नहीं करने चाहिए। ग्रहण के दौरान भोजन भी नहीं करना चाहिए। भारी काम करने से बचना चाहिए।
डिस्क्लेमर : उक्त लेख धार्मिक आस्था व लोक मान्यताओं पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए Today Studio उत्तरदायी नहीं है।







