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छत्तीसगढ़

चैतन्य बघेल की गिरफ्तारी के विरोध में कांग्रेस 22 जुलाई को करेगी आर्थिक नाकेबंदी

रायपुर।  पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल को ईडी की ओर से गिरफ्तार करने के विरोध में छतीसगढ़ कांग्रेस 22 जुलाई यानी मंगलवार को राज्य में आर्थिक नाकेबंदी करेगी। कांग्रेसी राज्य सरकार, उद्योगपति अडानी और केंद्रीय एजेंसियों के खिलाफ 22 जुलाई को पूरे प्रदेश में आर्थिक नाकेबंदी करते हुए चक्काजाम करेंगे। इस संबंध में पिछले दिनों पार्टी की बड़ी बैठक में फैसला लिया जा चुका है।

इससे पहले पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने प्रेस कॉन्फेंस लेकर कहा कि पेड़ कटाई को लेकर नेता प्रतिपक्ष की ओर से विधानसभा में स्थगन प्रस्ताव लाया गया था। इससे ध्यान भटकाने के लिए सुबह छह बजे  ईडी की रेड पड़ी। पिछली बार भी रेड मारी गई थी, लेकिन इस बार मैं विधानसभा पहुंचने में सफल रहा। आरोप लगाते हुए कहा कि ये बीजेपी के सोची-समझी रणनीति है। चाहे देवेंद्र यादव हों, सतनामी समाज के नेता हों, उन्हें एक केस में फंसाया गया। आदिवासी की आवाज दबाने के लिये कवासी लखमा को जेल में डाला गया। मेरा बेटा जो राजनीति में भी नहीं है, उसे भी टारगेट किया जा रहा है।

कोई नोटिस नहीं मिला- उन्होंने कहा कि विधानसभा में मुझे जानकारी मिली कि मेरे बेटे को ईडी ने गिरफ्तार कर लिया है। दस मार्च के बाद 18 जुलाई को सीधे गिरफ्तारी हो गई। इस बीच कोई नोटिस नहीं मिला। कोई पूछताछ नहीं हुई। सीधे गिरफ्तार कर लिया गया। यह संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन है। यह भाजपा का कांग्रेस नेताओं को निशाना बनाने और उन्हें दबाने की एक सुनियोजित रणनीति है।

बीजेपी पर लगाये ये आरोप- उन्होंने आरोप लगाया कि मेरा बेटा राजनीति में नहीं है और अपने व्यवसाय और खेती-बाड़ी तक ही सीमित है। बीजेपी का उद्देश्य कांग्रेस नेतृत्व को खत्म करना और उन्हें दबाना है। दूसरी ओर हमारे सभी प्राकृतिक संसाधनों को अडानी को देने की साजिश कर रहे हैं। वे छत्तीसगढ़ को अडानी के हवाले करना चाहते हैं। यह लड़ाई उनके या देवेंद्र यादव और कवासी लखमा जैसे नेताओं के लिए नहीं, बल्कि राज्य के लिए है।

कांग्रेस सरकार में करोड़ों रुपए का घोटाला : डिप्टी सीएम
दूसरी ओर डिप्टी सीएम अरुण साव ने नवा रायपुर निवास कार्यालय में कहा कि, कांग्रेस सरकार में करोड़ों रुपए का घोटाला हुआ है। इसमें कई लोगों की गिरफ्तारी हुई है। सरकार में मंत्री रहे कवासी लखमा भी जेल में है। कांग्रेस ने कवासी लखमा को बलि का बकरा बनाया है, उन्होंने करोड़ों रुपए का घोटाला किया है। यह पूरे छत्तीसगढ़ के लोगों को भी पता है। डिप्टी सीएम अरुण साव ने कहा कि छत्तीसगढ़ में जब कांग्रेस की सरकार थी, तब धर्मांतरण पर कोई कार्रवाई नहीं होती थी। आज विष्णुदेव साय की सुशासन सरकार में अवैध धर्मांतरण करने वाले पकड़े जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि, इस पर कड़ा कानून बनाने की दिशा में आगे बढ़ गए हैं और अभी मौजूदा कानून के तहत अवैध धर्मांतरण करने वाले आरोपियों पर कार्रवाई हो रही है। इसलिए मामले उजागर हो रहे हैं। श्री साव ने कहा कि, कांग्रेस सरकार में धर्मांतरण करने वालों को खुली छूट दे रखी थी। अधिकारियों ने खत लिखकर इस बात को स्वीकार किया था।

उप मुख्यमंत्री ने कहा कि, योग को फिजूलखर्ची बताना कांग्रेसियों की मानसिक दिवालियापन को दर्शाता है। योग और सनातन के प्रति कांग्रेसियों की नफरत जग जाहिर है। जिस योग को पूरी दुनिया ने अपनाया है, उससे इन लोगो को नफरत है, इसीलिए कांग्रेसियों की मानसिक स्थिति खराब हो गई है, अगर वे रोजाना योग करें तो जल्द ही ठीक हो जाएंगे।

 

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