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कोरबा

निर्माण कार्य में लापरवाही पर बिफरे कलेक्टर, एसडीओ व सब इंजीनियर को नोटिस जारी करने दिए निर्देश

कोरबा। पोड़ी उपरोड़ा में निर्माणाधीन 100 सीटर बालक आश्रम का निरीक्षण करते हुए कलेक्टर ने निर्मित भवन के सभी कक्षों एवं परिसर का अवलोकन किया। धीमी प्रगति पर उन्होंने नाराजगी जताते हुए अतिरिक्त श्रमिक लगाकर शेष सभी कार्य आगामी तीन माह के भीतर पूर्ण करने के निर्देश दिए। निर्माण कार्यों के प्रति उदासीनता पाए जाने पर संबंधित एसडीओ एवं सब इंजीनियर के विरुद्ध नोटिस जारी करने के भी निर्देश दिए।

लमना में निर्माणाधीन हायर सेकेंडरी स्कूल एवं माध्यमिक शाला भवन का निरीक्षण करते हुए कलेक्टर ने अपूर्ण कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने को कहा। गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने, तकनीकी स्वीकृति में निर्धारित सामग्रियों का ही उपयोग करने की हिदायत दी। उन्होंने विद्यालय में प्रयोगशाला एवं पुस्तकालय भवन निर्माण के लिए शीघ्र प्रस्ताव प्रस्तुत करने तथा परिसर के पुराने भवन में लीकेज, सीपेज एवं अन्य आवश्यक मरम्मत कार्य तत्काल कराने के निर्देश दिए।

समेलीभांठा के प्राथमिक शाला एवं आंगनबाड़ी भवन का निरीक्षण करते हुए कलेक्टर ने संस्थान में दर्ज एवं उपस्थित बच्चों की जानकारी ली और भवन की स्थिति का अवलोकन किया। उन्होंने भवन के लीकेज एवं सीपेज की मरम्मत, रंग-रोगन, फर्श पर टाइल्स लगाने सहित आवश्यक सुधार कार्यों के लिए शीघ्र प्रस्ताव तैयार कर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।

आकस्मिक निरीक्षण के दौरान पोड़ी उपरोड़ा में निर्माणाधीन चिकित्सक आवास एवं कोनकोना में ट्रेनिंग सेंटर भवन का भी अवलोकन किया गया। कलेक्टर ने सम्बंधित निर्माण एजेंसी को निर्माण कार्य में तेजी लाकर इसे जल्द पूरा करने के निर्देश दिए। तानाखार में निर्माणाधीन उचित मूल्य दुकान भवन का निरीक्षण कर शेष कार्यों को प्राथमिकता के साथ शीघ्र पूर्ण कराने को कहा।

तानाखार पंचायत के ग्राम मांझीपारा के आंगनबाड़ी केंद्र में कलेक्टर ने बच्चों की उपस्थिति, ग्रोथ चार्ट, विभिन्न पंजियों तथा पोषण संबंधी व्यवस्थाओं का अवलोकन किया। उन्होंने केंद्र में दर्ज गर्भवती महिलाओं एवं उन्हें वितरित किए जा रहे रेडी-टू-ईट आहार की जानकारी भी ली। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका को बच्चों की आयु के अनुरूप शैक्षणिक एवं रचनात्मक गतिविधियां बढ़ाने, नियमित रूप से सीखने की नई गतिविधियां संचालित करने तथा बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए और अधिक सक्रियता से कार्य करने के निर्देश दिए।

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