10 फरवरी को रतनपुर में आयोजित हुआ था विवाह कार्यक्रम
मनेंद्रगढ़। मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना एक बार फिर चर्चा में है। इस बार विवाद योजना के तहत नवविवाहित महिलाओं को दिए गए विवाह उपहार को लेकर खड़ा हुआ है। महिलाओं ने आरोप लगाया है कि उन्हें चांदी की पायल देने के बजाय गिलट (नकली धातु) की पायल थमा दी गई। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो के बाद मामला सुर्खियों में आ गया है और संबंधित विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं।
जानकारी के मुताबिक, 10 फरवरी को रतनपुर में आयोजित मुख्यमंत्री कन्या विवाह कार्यक्रम में शामिल हुई कुछ महिलाओं ने दावा किया है कि उन्हें उपहार स्वरूप मिली पायल चांदी की नहीं है। वायरल वीडियो में महिलाएं पायल दिखाते हुए उसकी गुणवत्ता पर सवाल उठाती नजर आ रही हैं। उनका कहना है कि योजना के तहत उन्हें चांदी की पायल मिलने की उम्मीद थी, लेकिन बाद में पता चला कि दी गई पायल गिलट की है।
वीडियो वायरल, विभाग पर उठे सवाल
मामला महिला एवं बाल विकास विभाग, मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (एमसीबी) जिले से जुड़ा बताया जा रहा है। वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद लोगों के बीच चर्चा तेज हो गई है। कई लोगों ने योजना के तहत वितरित सामग्री की गुणवत्ता और खरीद प्रक्रिया की जांच की मांग उठाई है।
जांच की मांग तेज
स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों का कहना है कि यदि आरोप सही साबित होते हैं तो यह शासन की महत्वपूर्ण सामाजिक योजना के क्रियान्वयन में गंभीर लापरवाही का मामला होगा। लोगों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।
विभाग की प्रतिक्रिया का इंतजार
फिलहाल महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। ऐसे में सभी की नजर प्रशासन और विभाग की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई है।







