नई दिल्ली। दिल्ली में जंतर-मंतर पर सीजेपी (CJP) का प्रदर्शन जारी है। विरोध प्रदर्शन ने बुधवार को एक बार फिर हिंसक रूप ले लिया, जिसमें पुलिसकर्मियों पर पथराव और बोतलें फेंकी गईं। इस दौरान पंजाबी बाग के अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त (ACP) जय प्रकाश के माथे पर पत्थर लगने से मामूली फ्रैक्चर हुआ है। इस बीच, पीएम मोदी ने पेपर लीक केस में पहली बार पोस्ट किया है। पीएम ने फास्ट ट्रैक कोर्ट का एलान किया है।
लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी समेत विपक्षी दलों के सांसद बसों से गांधी स्मृति पहुंच गए हैं। गांधी स्मृति पहुंचने पर लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने कहा कि हमारे नेता महात्मा गांधी की हत्या यहीं हुई थी। आज मोदी सरकार भारत में लोकतंत्र की हत्या कर रही है, छात्रों का दमन कर रही है और उनकी पिटाई कर रही है। विपक्ष इसे स्वीकार नहीं करेगा। हम छात्रों के साथ खड़े हैं, और नरेंद्र मोदी को शिक्षा मंत्री को हटाना चाहिए और माफी मांगनी चाहिए।

कांग्रेस सांसद रेणुका चौधरी ने कहा कि कभी-कभी, उन्हें महात्मा गांधी को भी याद करना चाहिए, जिन्होंने इस देश की आजादी की नींव रखी थी। ये कायर लोग पूरे देश से पुलिस बल बुला रहे हैं। उन्होंने कनॉट प्लेस में जबरन दुकानें बंद करा दीं।
गांधी स्मृति में कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने कहा कि महात्मा गांधी देश की आत्मा हैं। भारत में लोकतंत्र की हत्या हो रही है। नरेंद्र मोदी लोकतंत्र और छात्रों के भविष्य को खत्म कर रहे हैं। यह वह जगह है जहां हमें प्रार्थना करनी चाहिए। महात्मा गांधी ने हमें राह दिखाई और देश को दिशा दी। इसलिए, हम यहां प्रतीकात्मक रूप से यह संकल्प लेने आए हैं कि हम छात्रों और सही मकसद के साथ खड़े रहेंगे।
मोबाइल इंटरनेट सेवाएं अस्थायी रूप से निलंबित
इधर केंद्रीय गृह मंत्रालय ने कानून-व्यवस्था की स्थिति को देखते हुए जंतर मंतर क्षेत्र में गुरुवार शाम 4 बजे से रात 12 बजे तक 8 घंटे के लिए मोबाइल इंटरनेट सेवाएं अस्थायी रूप से निलंबित कर दी हैं। सरकारी आदेश के अनुसार, जंतर मंतर के 1.5 किलोमीटर दायरे में सभी प्रकार की मोबाइल इंटरनेट सेवाओं (सभी तकनीकों सहित) को बंद रखा जाएगा।
यह आदेश दूरसंचार अधिनियम, 2023 के तहत जारी किया गया है। आदेश में कहा गया है कि सार्वजनिक सुरक्षा, सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी अपराध को भड़काने से रोकने के लिए यह कदम उठाया गया है। इस फैसले को केंद्रीय गृह सचिव की मंजूरी प्राप्त है।







