झारखंड के रामगढ़ जिले की सिविल कोर्ट को बुधवार को बम से उड़ाने की धमकी मिलने के बाद कोर्ट परिसर को खाली कराया गया और व्यापक तलाशी अभियान चलाया गया। हालांकि, तलाशी के दौरान कोई भी विस्फोटक सामग्री नहीं मिली और प्रारंभिक जांच में यह धमकी फर्जी प्रतीत हुई। पुलिस ने यह जानकारी दी।
एसपी लुनायत ने कहा कि प्रथम दृष्टया ऐसा प्रतीत होता है कि पत्र भेजने वाले ने किसी निजी रंजिश के चलते किसी अन्य व्यक्ति की पहचान का इस्तेमाल किया है। उन्होंने कहा, पुलिस ने जांच तेज कर दी है और यह भी पता लगाया जा रहा है कि इस घटना के पीछे कोई साजिश तो नहीं है। गौरतलब है कि इससे पहले भी झारखंड के विभिन्न जिला न्यायालयों को इसी तरह की बम धमकियां मिल चुकी हैं और जांच में वे सभी फर्जी साबित हुई थीं।







