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अपरा एकादशी : ऐसा करने वालों पर बरसेगी श्री हरि की कृपा, जीवन से कोसों दूर हो जाएंगे सभी कष्ट

हिंदू धर्म में अपरा एकादशी को बेहद फलदायी और पुण्य देने वाली तिथि माना गया है। यह व्रत ज्येष्ठ मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि को किया जाता है। इस दिन भगवान विष्णु की विधि-विधान से पूजा और उपवास करने से जीवन कष्टों से मुक्त होता है और सुख, शांति और समृद्धि आती है। अपरा एकादशी को अचला एकादशी के नाम से भी जाना जाता है।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, यह दिन अनजाने में हुए पापों से मुक्ति दिलाने के साथ ही आर्थिक तंगी और मानसिक तनाव को दूर करने के लिए भी फायदेमंद माना जाता है। इस दिन भगवान विष्णु को पीले फूल और तुलसी अर्पित करने के साथ-साथ किए गए छोटे-छोटे दान-पुण्य के कार्य आपकी किस्मत बदल सकते हैं। आइए जानें इनके बारे में

अपरा एकादशी तारीखवैदिक पंचांग के अनुसार, इस बार ज्येष्ठ माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि 12 मई को दोपहर दो बजकर 52 मिनट लगभग पर शुरू होगी और अगले दिन 13 मई को दोपहर एक बजकर 29 मिनट लगभग पर समाप्त होगी। उदयातिथि के अनुसार अपरा एकादशी व्रत 13 मई को रखा जाएगा। इस दिन विष्णु जी की पूजा के लिए सुबह 5 बजकर 32 मिनट के लगभग से सुबह 8 बजकर 55 मिनट के लगभग तक शुभ मुहूर्त रहेगा।

भगवान विष्णु को अर्पित करें तुलसी और पीला फलफूलज्योतिषी अखिलेश पांडेय ने लोकल 18 को बताया कि धार्मिक मान्यताओं के अनुसार अपरा एकादशी के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करने के बाद साफ और हल्के रंग के वस्त्र पहनें। भगवान विष्णु की पूजा करें और उन्हें पीले फूल, तुलसी दल और फल अर्पित करें। तुलसी को भगवान विष्णु का प्रिय माना जाता है, इसलिए बिना तुलसी के पूजा अधूरी मानी जाती है। पूजा में “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” मंत्र का जाप करें।

शाम के समय जलाएं घी का दीपक : अपरा एकादशी पर शाम के समय घी का दीपक जलाना बेहद शुभ माना जाता है। मान्यता है कि इससे घर में सुख-समृद्धि का वास होता है और नकारात्मकता दूर होती है। इस दिन विष्णु सहस्रनाम का पाठ करने जीवन में चल रही बाधाएं कम होती हैं और आत्मविश्वास बढ़ता है।

 

दानपुण्य से प्रसन्न होते हैं भगवान विष्णुगरीब और जरूरतमंद लोगों की मदद करने से भगवान विष्णु प्रसन्न होते हैं और जीवन में खुशहाली बनी रहती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार अपरा एकादशी पर किया गया दान कई गुना फल देता है। श्रद्धालु इस दिन गाय को हरा चारा खिलाते हैं और पक्षियों को दाना डालते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार ये छोटे-छोटे कार्य भी पुण्य देने वाले माने जाते हैं।

मेवे और मखाने का भोग : शास्त्रों की मानें, तो अपरा एकादशी पर मेवे और मखाने का भोग लगाना लाभकारी होता है। यह शुभता और समृद्धि का प्रतीक माना जाता है। ऐसा करने से घर में धन-धान्य बढ़ता है।

केले का भोगएकादशी के दिन केले का भोग लगाने से भगवान विष्णु की विशेष कृपा प्राप्त होती है। इससे विवाह में आ रही बाधाएं दूर होती हैं और शीघ्र शुभ विवाह के योग बनने लगते हैं।

 

डिस्क्लेमरउक्त लेख धार्मिक आस्था लोक मान्यताओं पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए  Today Studio उत्तरदायी नहीं है।

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