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पढ़ाई के खर्चे पर उठे सवाल, तो CJP फांउडर अभिजीत दिपके ने दिया फंडिंग पर ये जवाब

नई दिल्ली ।  कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने अपने ऊपर लगे वित्तीय आरोपों को खारिज कर दिया है। आरटीआई कार्यकर्ता अमित तिवारी ने उनके पिता की आय और पढ़ाई के खर्च को लेकर महाराष्ट्र सरकार से शिकायत की थी। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए दीपके ने अपने दाखिले और छात्रवृत्ति के आधिकारिक दस्तावेज सार्वजनिक किए। उन्होंने बताया कि अमेरिका के बोस्टन विश्वविद्यालय में उनकी पढ़ाई स्कॉलरशिप और एजुकेशन लोन के जरिए हुई है। दीपके ने कहा कि उनके फंड के स्रोतों की जांच के लिए हर कोई पूरी तरह स्वतंत्र है।

नए शिक्षा मंत्री की नियुक्ति पर जताई आपत्ति :  कॉकरोच जनता पार्टी ने केंद्र सरकार के खिलाफ अपना रुख सख्त कर लिया है। दीपके ने कहा कि उनकी पहली मांग तत्कालीन शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की थी, जिसे सरकार ने स्वीकार कर लिया। लेकिन उनकी जगह प्रह्लाद जोशी को नया शिक्षा मंत्री बनाए जाने का सीजेपी समर्थन नहीं करती। अभिजीत दीपके ने आरोप लगाया कि प्रह्लाद जोशी बिलकिस बानो मामले के दोषियों का सम्मान करते हुए दिखाई दिए थे। उन्होंने कहा कि ऐसे व्यक्ति को शिक्षा मंत्रालय की जिम्मेदारी देना उचित नहीं है।

नीट पीड़ितों के मुआवजे पर उठाए सवाल :  दीपके ने नीट अभ्यर्थियों की मौतों का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया। सीजेपी की दूसरी मांग आत्महत्या करने वाले अभ्यर्थियों के परिवारों को एक-एक करोड़ रुपये का मुआवजा देने की थी। उन्होंने कहा कि अब तक किसी भी पीड़ित परिवार को सरकार की ओर से सहायता नहीं मिली है। दीपके ने आरोप लगाया कि सरकार सिर्फ नियमों और प्रक्रियाओं का बहाना बना रही है। जब विधायकों और सांसदों को खरीदने की बात आती है तो करोड़ों रुपये खर्च किए जाते हैं, लेकिन पीड़ित परिवारों को मुआवजा देने के समय नियमों का हवाला दिया जाता है।

चुनाव लड़ने का कोई इरादा नहीं :  छत्रपति संभाजीनगर में पार्टी के भविष्य पर बोलते हुए दीपके ने साफ किया कि उनका चुनाव लड़ने का कोई इरादा नहीं है। उन्होंने कहा कि देश में ईडी और सीबीआई के जरिए राजनीतिक दलों को तोड़ा जा रहा है। चुनावों में वोट डिलीट किए जा रहे हैं। जनता का न्यायपालिका, चुनाव प्रणाली और मीडिया से भरोसा उठ रहा है। ऐसे दौर में राजनीतिक दल बनाने का कोई फायदा नहीं है। आज देश को नेताओं की नहीं, बल्कि एक बड़े जन आंदोलन की जरूरत है। उन्होंने चेतावनी दी कि मांगें पूरी न होने पर सीजेपी दोबारा सड़कों पर उतरेगी।

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