इंदौर। खरगोन जिले के मंडलेश्वर थाना क्षेत्र अंतर्गत नर्मदा तट स्थित ग्राम सुलगांव में 90 वर्षीय वृद्धा के अंतिम संस्कार को लेकर उपजा विवाद रविवार को हिंसक झड़प में बदल गया। अंतिम संस्कार स्थल के पास रहने वाले वर्ग विशेष और कुछ अन्य लोगों ने घरों की छतों से पथराव शुरू कर दिया। शव अंतिम संस्कार के लिए रखा रहा और दोनों पक्षों के बीच जमकर पत्थरबाजी हुई।
इस दौरान पुलिस जवान समेत कुल 8 लोग घायल हो गए। हालात काबू में आने के बाद पुलिस की मौजूदगी में अंतिम संस्कार संपन्न कराया गया। मामले में दोनों पक्षों की शिकायत पर 19 लोगों के खिलाफ नामजद प्रकरण दर्ज किया गया है। गांव में शांति बनाए रखने के लिए तीन थानों का पुलिस बल तैनात किया गया है।
इसलिए हुआ विवाद
जानकारी के अनुसार, गांव की निवासी गंगाबाई पाटीदार के निधन के बाद परिजन और समाजजन उनका अंतिम संस्कार करने नर्मदा तट से करीब 200 मीटर दूर वासुदेव पाटीदार की निजी जमीन (खले) पर पहुंचे थे। पाटीदार समाज का कहना है कि मुख्य श्मशान का रास्ता बेहद खराब होने के कारण वासुदेव पाटीदार ने अपनी जमीन श्मशान उपयोग के लिए दान की है।
हालांकि, जैसे ही मुखाग्नि की तैयारी शुरू हुई, पास में रहने वाले विशेष समुदाय और कुछ अन्य लोगों ने रिहायशी इलाके के समीप शव जलाने पर आपत्ति जताई। सरपंच फुलकी बाई वर्मा और ग्रामीणों का तर्क था कि अंतिम संस्कार से उठने वाला धुआं आसपास के रहवासियों के लिए परेशानी और बच्चों में भय का कारण बन सकता है।
पथराव तक पहुंचा मामला
शुरुआत में बातचीत के जरिए सुलझाने की कोशिश की गई, लेकिन विवाद जल्द ही गाली-गलौज और उग्र पथराव में बदल गया। उपद्रवियों ने छतों और गलियों से पुलिस बल व शव यात्रा में शामिल लोगों पर पत्थर बरसाए। इस दौरान बीच-बचाव करने आए पुलिस के एक जवान और ग्राम चौकीदार श्रवण पिता रणछोड़ भी घायल हो गए। पुलिस ने दोनों पक्षों के लोगों पर मामला दर्ज कर जांच में लिया है।







