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महाराष्ट्र TET पेपर लीक केस, मास्टरमाइंड बिजेंद्र गुप्ता बिहार से गिरफ्तार

अंतरराज्यीय पेपर लीक रैकेट के 13 मेंबर गिरफ्तार

भिवंडी। महाराष्ट्र शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) पेपर लीक मामले में विशेष जांच टीम ने इस अंतरराज्यीय रैकेट के मुख्य मास्टरमाइंड बिजेंद्र कुमार गुप्ता को बिहार से गिरफ्तार है। आरोपी को पटना से पुणे एयरपोर्ट और फिर वहां से भिवंडी लाया गया है। इस हाई-प्रोफाइल मामले में अब तक मास्टरमाइंड समेत कुल 13 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।

जूते में छिपाकर निकाला पेपर, 1.5 करोड़ में बेचने की थी साजिश

पुलिस जांच में बेहद चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। मुख्य आरोपी बिजेंद्र कुमार गुप्ता ने अपने साथी सोनू के साथ मिलकर प्रिंटिंग हाउस के कर्मचारियों को पैसों और अचल संपत्ति का लालच दिया था। इसके बाद साजिश के तहत प्रश्नपत्र को जूते के अंदर छिपाकर प्रिंटिंग प्रेस से बाहर निकाला गया।

शुरुआती तौर पर यह लीक पेपर महज आठ हजार रुपये में हासिल किया गया था, लेकिन इस गिरोह की योजना इसे भिवंडी और पुणे के बाजार में अभ्यर्थियों को लगभग डेढ़ करोड़ रुपये में बेचने की थी।

नकली ग्राहक बनकर पुलिस ने बिछाया जाल

भिवंडी पुलिस के डीसीपी पवन बंसोडे को मिली गुप्त सूचना के आधार पर एक स्पेशल ऑपरेशन चलाया गया। पुलिस निरीक्षक ने खुद ‘नकली ग्राहक’ बनकर आरोपियों से संपर्क साधा। जब बिचौलियों को बड़े खरीदार के मिलने का झांसा मिला, तो उन्होंने मुख्य सरगना बिजेंद्र से संपर्क किया।

बिजेंद्र ने राजीव और आकाश को लीक पेपर के चार सेट भेजे। इसके बाद कोंनगांव के एक होटल में जाल बिछाकर पुलिस ने धीरज सिंह, आकाश कुमार और राजीव कुमार को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया, जिससे पूरे नेटवर्क की परतें उखड़ने लगीं।

मामला की जांच कर रही एसआईटी ने पंजाब के पठानकोट से फरार चल रहे आरोपी कपिल दहिया को भी गिरफ्तार कर लिया है, जिसके खिलाफ लुकआउट सर्कुलर (एलओसी ) जारी किया गया था।

मुख्य आरोपी बिजेंद्र को भगाने और फर्जी पहचान पत्र बनाने वाला उसका साला मिथुन सिंह, हाजीपुर में फोटोकॉपी की दुकान चलाने वाला सहयोगी सोनू सिंह और बिजेंद्र की पत्नी सुमन कुमारी को ऐप के जरिए पति के संपर्क में रहने और सबूत छिपाने के आरोप में पटना से गिरफ्तार किया गया।

जमानत पर बाहर आकर बदलता था पहचान

पुलिस के मुताबिक, मुख्य आरोपी बिजेंद्र कुमार गुप्ता पर पहले से हत्या का एक मामला भी दर्ज है। वह हर बार गिरफ्तारी के बाद जमानत पर छूटता था और अपनी पहचान बदलकर दूसरे राज्यों में नए सिरे से प्रश्नपत्र लीक करने का नेटवर्क तैयार कर लेता था। फिलहाल अदालत ने सभी गिरफ्तार आरोपियों को पुलिस हिरासत में भेज दिया है और एसआईटी मामले के अन्य लिंक्स की तलाश कर रही है।

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