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बांग्लादेश में ‘रहमान युग’ का आगाज़: 36 साल बाद देश को मिला पुरुष प्रधानमंत्री, तारिक ने ली शपथ

ढाका। बांग्लादेश की राजनीति में मंगलवार, 17 फरवरी 2026 का दिन इतिहास के पन्नों में दर्ज हो गया। 17 वर्षों के लंबे वनवास और आत्म-निर्वासन के बाद, बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) के चेयरमैन तारिक रहमान ने देश के नए प्रधानमंत्री के रूप में पद और गोपनीयता की शपथ ली।

यह ऐतिहासिक समारोह ढाका स्थित संसद भवन (जातीय संसद) के ‘साउथ प्लाजा’ में आयोजित किया गया। राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन ने उन्हें शपथ दिलाई। इस मौके पर भारत की ओर से लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला सहित कई विदेशी प्रतिनिधि मौजूद रहे।

प्रमुख बिंदुः एक नज़र में

36 साल का रिकॉर्ड टूटाः 1990 (काजी जफर अहमद) के बाद बांग्लादेश को अपना पहला पुरुष प्रधानमंत्री मिला है। बीते साढ़े तीन दशकों से सत्ता की कमान शेख हसीना या बेगम खालिदा जिया (बैटल ऑफ बेगम्स) के हाथों में ही रही थी।

प्रचंड बहुमतः 12 फरवरी को हुए चुनावों में बीएनपी और उसके सहयोगियों ने 300 में से 212 सीटों पर जीत दर्ज कर दो-तिहाई बहुमत हासिल किया।

निर्वासन से सत्ता तकः तारिक रहमान करीब 17 साल तक लंदन में निर्वासन में रहे और हाल ही में देश वापस लौटे थे।

नई कैबिनेटः प्रधानमंत्री के साथ 25 कैबिनेट मंत्रियों और 24 राज्य मंत्रियों ने भी शपथ ली है।

विपक्ष और भविष्य की चुनौतियां

समारोह में विपक्षी दलों की उपस्थिति सीमित रही। जहां जमात-ए-इस्लामी और नेशनल सिटीजन पार्टी (एनसीपी) ने 77 सीटें जीतकर विपक्ष की भूमिका संभाली है, वहीं अवामी लीग चुनाव से बाहर रही। शपथ लेने के बाद अपने पहले संबोधन में तारिक रहमान ने “राष्ट्रीय एकता” और “प्रतिशोध की राजनीति के अंत” का आह्वान किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी सरकार का मुख्य लक्ष्य अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाना और कानून का शासन स्थापित करना होगा।

भारत के साथ संबंधों पर नज़र

भारत की ओर से ओम बिरला की उपस्थिति ने नई सरकार के साथ मधुर संबंधों की उम्मीद जगाई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी तारिक रहमान को जीत की बधाई देते हुए एक लोकतांत्रिक और समावेशी बांग्लादेश के प्रति समर्थन दोहराया है।

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