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फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मुलाकात : दोनों नेताओं के बीच कई अहम समझौतों पर लगी मुहर

भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों से मुलाकात की। इस बैठक में दोनों नेताओं के बीच कई अहम समझौतों पर मुहर लगी। इनमें राफेल लड़ाकू विमान की खरीद पर चर्चा से लेकर हैमर मिसाइलों को भारत में बनाने के लिए समझौते पर भी बात हुई। इन मिसाइलों का जिक्र इसलिए भी अहम है, क्योंकि पाकिस्तान में आतंकी ठिकानों को ध्वस्त करने में इन मिसाइलों की भूमिका काफी अहम रही थी।

दरअसल, भारत ने बीते साल सात मई में जब पाकिस्तान में आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया था, तब हमारे किसी भी जवान या विमान ने सीमा पार नहीं की थी। बल्कि आतंकी ठिकानों को ध्वस्त करने का असल काम इन्हीं हैमर मिसाइलों और भारत की स्वदेशी निर्मित ब्रह्मोस मिसाइलों के जरिए किया गया था। ऐसे में भारत के लिए हैमर मिसाइलों को मेक इन इंडिया पहल के तहत देश में ही बनाने के लिए फ्रांस के साथ हुआ समझौता कई मायनों में अभूतपूर्व है।

क्या हैं हैमर मिसाइलें, ये कितनी घातक?

हैमर (HAMMER) का पूरा नाम हाइली एजाइल मॉड्यूलर म्यूनिशन एक्सटेंडेड रेंज (Highly Agile Modular Munition Extended Range) है। इसे इसके फ्रांसीसी नाम एएएसएम (Armement Air-Sol Modulaire) के नाम से भी जाना जाता है।

हैमर सिर्फ एक मिसाइल नहीं है, बल्कि एक मॉड्यूलर किट है जो पारंपरिक अनगाइडेड (बिना दिशा वाले) बमों को सटीक-निर्देशित हथियारों में परिवर्तित कर देती है। इसकी प्रणाली दो चरण में काम करती है।

पहला: आगे लगा एक गाइडेंस सेक्शन जो नेविगेशन और लक्ष्य को खोजने का काम करता है। मिशन की जरूरत के मुताबिक इसमें जीपीएस, इन्फ्रारेड इमेजिंग (आईआरआई) या लेजर गाइडेंस का इस्तेमाल किया जा सकता है।

दूसरा: पीछे लगा एक रेंज एक्सटेंशन किट, जिसमें ठोस-ईंधन वाला रॉकेट बूस्टर और कलाबाजी वाले पंख होते हैं, जो इसे लंबी दूरी तक ले जाने और हवा में ही दिशा बदलने में मदद करते हैं।

ऑपरेशन सिंदूर में क्या थी इस मिसाइल की भूमिका?

ऑपरेशन सिंदूर में हैमर मिसाइलों की भूमिका बेहद अहम और रणनीतिक रही थी। भारत ने इस अभियान के तहत पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में स्थित आतंकी शिविरों को निशाना बनाया था। भारत ने इस ऑपरेशन में बिना सीमा पार किए दुश्मनों के ठिकानों को तबाह कर दिया था और 100 से ज्यादा आतंकियों को मार गिराया था।

इस ऑपरेशन के दौरान भारतीय वायुसेना ने मुख्यतः स्कैल्प और हैमर मिसाइलों का इस्तेमाल किया था। दरअसल, ऑपरेशन सिंदूर में पाकिस्तान और पीओके के उन ठिकानों को निशाना बनाया जाना था, जहां लचीलेपन और अनुकूलन क्षमता जरूरी थी। जहां स्कैल्प का इस्तेमाल गहरे और जबरदस्त मजबूत लक्ष्यों को भेदने के लिए किया गया, वहीं हैमर ने उन मध्यम दूरी के आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया, जहां उच्च सटीकता और तुरंत निशाने बदलने की जरूरत थी।

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