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राहुल-प्रियंका के संसद परिसर में भीगने का मामला: लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने उठाए कड़े कदम

नई दिल्ली। संसद भवन परिसर में नेताओं के मौसम से जुड़े अनुभवों और सुरक्षा-सुविधाओं को लेकर एक बार फिर प्रशासनिक कसावट देखने को मिली है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी और सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा का संसद भवन के मकर द्वार पर बारिश में भीगते हुए एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ था।

इस घटना के तूल पकड़ने और संसद की व्यवस्थाओं पर चर्चा शुरू होने के ठीक बाद, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने त्वरित और सख्त रुख अपनाते हुए तत्काल प्रभाव से बड़े कदम उठाए हैं।

24 घंटे के भीतर बुलाई गई आपात बैठक

वायरल वीडियो सामने आने के महज 24 घंटे के भीतर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने केंद्रीय लोक निर्माण विभाग (सीपीडब्ल्यूडी) के वरिष्ठ अधिकारियों और नए संसद भवन के मुख्य आर्किटेक्ट्स की एक उच्चस्तरीय आपात बैठक बुलाई।

इस बैठक का मुख्य एजेंडा संसद भवन आने वाले सांसदों, मंत्रियों और अन्य विशिष्ट अतिथियों को खराब मौसम, तेज बारिश और धूप जैसी परिस्थितियों से होने वाली असुविधाओं से सुरक्षित रखना था। अध्यक्ष ने साफ निर्देश दिए कि संसद परिसर में बुनियादी ढांचे की किसी भी कमी के कारण जनप्रतिनिधियों को कठिनाइयों का सामना नहीं करना पड़ना चाहिए।

मकर द्वार पर बनेगा शेड या पोर्च

बैठक में विस्तृत चर्चा के बाद यह महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया कि-

मकर द्वार पर निर्माण: संसद भवन के जिस मकर द्वार पर राहुल गांधी और प्रियंका गांधी बारिश में भीगे थे, वहां अब एक स्थायी शेड या द्वार मंडप (पोर्च) का निर्माण किया जाएगा।
वाहन से सीधे प्रवेशः इस शेड के बन जाने से सांसदों और गणमान्य व्यक्तियों की गाड़ियां सीधे प्रवेश द्वार तक पहुंच सकेंगी, जिससे उन्हें बारिश या तेज धूप में पैदल या खुले में नहीं आना पड़ेगा।
अधिकारियों को निर्देश: लोकसभा अध्यक्ष ने ब्च्ॅक् और वास्तुकला विशेषज्ञों को इस संबंध में सभी तकनीकी पहलुओं का जायजा लेने और जल्द से जल्द एक व्यावहारिक रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए हैं।

नए संसद भवन की कार्यप्रणाली और सुविधाओं की समीक्षा

नया संसद भवन अपनी आधुनिक वास्तुकला और सुविधाओं के लिए जाना जाता है, लेकिन बारिश के दौरान प्रवेश द्वारों पर इस तरह की असुविधा सामने आने के बाद प्रशासन अब और अधिक सतर्क हो गया है। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला व्यक्तिगत रूप से यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि संसद परिसर में आने वाले प्रत्येक सांसद, कर्मचारी और मीडियाकर्मी को सभी आवश्यक आधुनिक सुविधाएं और सुरक्षा मानक प्राप्त हो।

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