नई दिल्ली। भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) ने कम आय वाले दूरसंचार उपभोक्ताओं के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। ट्राई ने दूरसंचार सेवा प्रदाताओं को कम वैधता वाले केवल वॉइस कॉल और एसएमएस प्लान पेश करने का निर्देश दिया है। इन प्लान में उचित टैरिफ कटौती भी करनी होगी। इस निर्णय से उन उपभोक्ताओं को अधिक किफायती और लचीले रिचार्ज विकल्प मिलेंगे, जिन्हें डेटा सेवाओं की आवश्यकता नहीं है।
क्यों पड़ी इसकी जरूरत?
ट्राई ने अपने एक आधिकारिक बयान में बताया कि दूरसंचार उपभोक्ता संरक्षण (बारहवां संशोधन), 2024 के कार्यान्वयन के बाद बाजार में केवल वॉइस और एसएमएस एसटीवी की उपलब्धता सीमित हो गई थी। उपलब्ध प्लान मुख्य रूप से लंबी वैधता अवधि पर केंद्रित थे। इससे कम आय वाले उपभोक्ताओं को किफायती कम अवधि के विकल्पों से वंचित होना पड़ रहा था। नियामक ने महसूस किया कि इस स्थिति को बदलने की आवश्यकता है।
क्या हैं नए प्लान विकल्प?
नए निर्देशों के तहत, ऑपरेटरों को एक ऐसा केवल वॉइस और एसएमएस एसटीवी भी देना होगा जिसे हर महीने एक ही तारीख पर नवीनीकृत किया जा सके। यदि किसी विशेष महीने में संबंधित नवीनीकरण की तारीख उपलब्ध नहीं है, तो नवीनीकरण उस महीने की अंतिम तारीख को होगा। इसके अतिरिक्त, दूरसंचार ऑपरेटरों को कम और मासिक वैधता विकल्पों से लंबी वैधता वाला कम से कम एक केवल वॉइस और एसएमएस एसटीवी भी पेश करना होगा। यह प्लान भी वॉइस, एसएमएस और डेटा के लिए दिए जा रहे एसटीवी की वैधता अवधि के अनुरूप होगा।
किसे मिलेगा फायदा?
ट्राई का मानना है कि यह संशोधित टैरिफ ढांचा उपभोक्ताओं की आवश्यकताओं को पर्याप्त रूप से पूरा करेगा। इस संशोधन से विशेष रूप से कम आय वाले उपभोक्ताओं और उन उपयोगकर्ताओं को लाभ मिलेगा जो डेटा सेवाओं के साथ बंडल दूरसंचार प्लान नहीं खरीदना चाहते हैं। इस बदलाव से विभिन्न वैधता अवधियों में केवल वॉइस और एसएमएस विकल्पों की उपलब्धता में सुधार होने की उम्मीद है। इससे उपभोक्ताओं को अपने उपयोग और सामर्थ्य के आधार पर रिचार्ज प्लान चुनने में अधिक लचीलापन मिलेगा।







