फैटी लिवर की समस्या से जूझ रहे लोगों के लिए नियमित व्यायाम बेहद फायदेमंद हो सकता है। अध्ययन के मुताबिक, सप्ताह में कम से कम 150 मिनट की शारीरिक गतिविधि लिवर में जमा अतिरिक्त चर्बी को कम करने और लिवर की सेहत सुधारने में मदद कर सकती है।
एक स्टडी भी इसकी ओर इशारा करती हैं। फैटी लिवर वाले लोगों को अक्सर वजन कम करने, हेल्दी खाने और लिवर में फैट कम करने के लिए रेगुलर एक्सरसाइज करने की सलाह देते हैं। एक्सपर्ट बताते हैं कि बिना ज्यादा वजन घटाए भी लिवर फैट कम किया जा सकता है। उनका मानना है कि स्ट्रेंथ ट्रेनिंग से लिवर की सेहत बेहतर हो सकती है।
एक स्टडी में पाया गया कि आठ हफ्टे की रेजिस्टेंस ट्रेनिंग से लिवर फैट को करीब 13% कम किया गया। लिवर हेल्थ के लिए सबसे कम आंकी जाने वाली आदतों में से एक है स्ट्रेंथ ट्रेनिंग!’
स्ट्रेंथ ट्रेनिंग से लिवर फैट होगा कम
स्ट्रेंथ ट्रेनिंग में डंबल उठाना, रेजिस्टेंस बैंड का इस्तेमाल करना और बॉडीवेट एक्सरसाइज जैसे व्यायाम शामिल हैं। एक्सपर्ट के अनुसार, ये एक्सरसाइज इंसुलिन सेंसिटिविटी को बेहतर बना सकती हैं और शरीर को ब्लड शुगर का ज़्यादा अच्छे से इस्तेमाल करने में मदद कर सकती हैं।
स्ट्रेंथ ट्रेनिंग से मसल्स ग्लूकोज का ज़्यादा अच्छे से इस्तेमाल करती हैं और हेल्दी फैट मेटाबॉलिज्म को सपोर्ट करती हैं। ये बदलाव मेटाबॉलिक हेल्थ को तब भी बेहतर बना सकते हैं, जब किसी व्यक्ति का वजन न बदले। स्ट्रेंथ ट्रेनिंग इंसुलिन सेंसिटिविटी को बेहतर बनाती है, आपकी मसल्स को ग्लूकोज का ज़्यादा अच्छे से इस्तेमाल करने में मदद करती है, हेल्दी फैट मेटाबॉलिज्म को सपोर्ट करती है और मेटाबॉलिक हेल्थ को स्केल पर दिखने वाले से भी ज़्यादा बेहतर बनाती है।
हफ्ते में 2-3 दिन करें रेजिस्टेंस ट्रेनिंग
आपको हर हफ़्ते 2-3 बार स्ट्रेंथ ट्रेनिंग करनी चाहिए हफ्ते में 2-3 बार रेजिस्टेंस बैंड, डंबल या बॉडीवेट एक्सरसाइज से शुरुआत करें। वजन मापने वाली मशीन पर नंबर वही रहने पर भी लिवर की सेहत बेहतर हो सकती है। इसके साथ ही तीन ड्रिंक्स भी हैं जो फैटी लिवर की बीमारी वाले लोगों में लिवर हेल्थ को सपोर्ट करने में मदद कर सकती हैं। इनमें चुकंदर का जूस, कॉफी और ग्रीन टी शामिल हैं।
ये 3 चीजें लिवर को करती हैं डिटॉक्ट
चुकंदर के जूस में एंटीऑक्सीडेंट होते हैं जो लिवर सेल्स को बचाने में मदद कर सकते हैं। हालांकि, वे इसे कम मात्रा में पीने की सलाह देते हैं क्योंकि इसमें नैचुरल शुगर होती है। एक्सपर्ट बताते हैं कि कॉफी पीने से फैटी लिवर और लिवर में निशान पड़ने का खतरा कम हो सकता है। वह इसे बिना चीनी के पीने की सलाह देते हैं। ग्रीन टी एक और ड्रिंक है जिसकी सलाह देते हैं। एक्सपर्ट बताते हैं कि इसमें एंटीऑक्सीडेंट होते हैं जो लिवर में फैट जमा होने को कम करने में मदद कर सकते हैं।
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है। सेहत से जुड़े किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी भी तरह का बदलाव करने या किसी भी बीमारी से संबंधित कोई भी उपाय करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें।







