नईदिल्ली/ काठमांडू। नेपाल के वित्त मंत्री स्वर्णिम वागले ने बताया कि पदभार संभालने के बाद नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह अपनी पहली विदेश यात्रा भारत की करेंगे। हालांकि, वागले ने अभी तारीख नहीं बताई, लेकिन वागले ने संकेत दिया है कि अगर सब कुछ तय कार्यक्रम के मुताबिक रहा तो शाह इस साल के अंत से पहले भारत आ सकते हैं।
काठमांडू में आयोजित एक टीवी चैनल के कार्यक्रम में बोलते हुए वागले ने कहा कि यात्रा की तारीखों पर फिलहाल विचार चल रहा है, लेकिन गंतव्य को लेकर कोई संशय नहीं है और सरकार को उम्मीद है कि यह दौरा इसी साल के अंत से पहले होगा। इस दौरान दौरान स्वर्णिम वागले ने नेपाल की अर्थव्यवस्था को 100 अरब डॉलर तक ले जाने के लक्ष्य, भारतीय और नेपाली रुपये की विनिमय दर, हालिया बाढ़ राहत कार्यों और प्रधानमंत्री बालेन शाह की कार्यशैली पर भी विस्तार से चर्चा की।
वागले ने कहा, पदभार ग्रहण करने के बाद बालेन का पूरा ध्यान घरेलू मुद्दों पर ही केंद्रित था। हमारे शुरुआती 100 दिन 100 सूत्री एजेंडे पर केंद्रित रहे, जिसमें हमने खुद को 87.2 प्रतिशत अंक दिए हैं। उन्होंने आगे कहा, इसके बाद हमने प्रधानमंत्री की विदेश यात्राओं पर चर्चा शुरू की। मुझे पूरा विश्वास है कि उनकी पहली विदेश यात्रा भारत की ही होगी। हालांकि, तारीखों पर अभी फैसला होना बाकी है, लेकिन मुझे उम्मीद है कि यह दौरा इसी साल के अंत से पहले होगा।
कार्यक्रम में मौजूद भारत की सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसद रविशंकर प्रसाद ने इस घोषणा को बेहद महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा, “नेपाल और भारत के संबंधों की नींव इतनी मजबूत है कि इन्हें पासपोर्ट या सीमाओं में नहीं बांधा जा सकता। अगर आज वागले ने यह स्पष्ट किया है कि प्रधानमंत्री बालेन शाह की पहली विदेश यात्रा भारत की होगी, तो यह दर्शाता है कि भविष्य में दोनों देशों के रिश्ते किस सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ेंगे। यह सचमुच एक महत्वपूर्ण संदेश है।”







