लखनऊ। आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर पकड़े गए 10 किलो सोना तस्करी मामले में जांच एजेंसियों ने अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। करीब 15 करोड़ 34 लाख रुपये कीमत के सोने की बरामदगी के बाद अब जांच केवल गिरफ्तार आरोपितों तक सीमित नहीं रह गई है, बल्कि सोना तस्करी से जुड़े पूरे नेटवर्क की पड़ताल की जा रही है।
जांच में सामने आया है कि जिस ब्रेजा कार से भारी मात्रा में सोना बरामद किया गया था, उस वाहन के जुलाई से अगस्त के बीच 22 चालान हो चुके थे। एजेंसियां अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि इस वाहन का इस्तेमाल पहले भी किसी अवैध गतिविधि के लिए किया गया था या नहीं।
सूत्रों के अनुसार, जांच एजेंसियों को सोना तस्करी सिंडिकेट से जुड़ी कई अहम जानकारियां मिली हैं। अब जांच का दायरा नेपाल सीमा से लेकर गोरखपुर और दिल्ली तक फैल गया है। एजेंसियां इस पूरे नेटवर्क में शामिल लोगों, उनकी भूमिका और सोने की सप्लाई चेन का पता लगाने में जुटी हैं। इस मामले में एटीएस और सशस्त्र सीमा बल की संयुक्त टीम ने नेपाल सीमा से जुड़े क्षेत्र ठूठीबारी में भी दबिश दी। टीम ने कथित तौर पर इस तस्करी नेटवर्क के सूत्रधार रियाज के घर पहुंचकर तलाशी अभियान चलाया, लेकिन उससे पहले ही वह फरार हो चुका था।







