नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट के वकीलों ने गुरुवार को जंतर-मंतर पर हो रहे विरोध-प्रदर्शन के समर्थन में और प्रदर्शनकारियों पर पुलिस की कार्रवाई का विरोध करते हुए संविधान की प्रस्तावना का पाठ किया।
सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष और वरिष्ठ वकील विकास सिंह भी वहां मौजूद थे। जयसिंह ने कहा, “हम यहां छात्रों के साथ खड़े होने आए हैं। हम न्याय के पक्ष में खड़े होने आए हैं। हम छात्रों के लिए न्याय की मांग करने आए हैं। हम अपने लिए आंदोलन करने नहीं आए हैं। यह हमारे बारे में नहीं है।”
उन्होंने कहा, “यह मामला छात्रों के अधिकारों से जुड़ा है और वकीलों का यह कर्तव्य है कि वे सुप्रीम कोर्ट के सामने खड़े हों और उनके लिए न्याय की मांग करें। सुप्रीम कोर्ट की भूमिका और काम न्याय देना है। इसीलिए हम अपनी मांगों के साथ न्याय के इस मंदिर में आए हैं।”
लखनऊ में वकील सड़क पर उतरे, प्रयागराज में छात्रों का प्रदर्शन
उत्तर प्रदेश में मुख्य प्रदर्शन लखनऊ व प्रयागराज में हुए। लखनऊ के मोहनलालगंज में वकील सड़क पर उतरे और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को हटाए जाने की मांग की।
प्रयागराज में दिशा छात्र संगठन और नौजवान भारत सभा की ओर से आजाद पार्क स्थित चंद्रशेखर आजाद की प्रतिमा के समक्ष छात्रों ने प्रदर्शन किया और प्रतिवाद सभा आयोजित की गई।
बरेली में 15 युवकों ने कलक्ट्रेट पहुंचकर शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे का मांगपत्र दिया। झारखंड में कांग्रेस और भाजपा कार्यकर्ता आमने-सामने आ गए। दोनों ओर से अंडे व टमाटर फेंके जाने लगे। पथराव कर रहे लोगों को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज किया।
इस दौरान हुए कई लोग घायल हो गए। उत्तराखंड के सभी जिलों में कांग्रेस, सपा, आप, उत्तराखंड क्रांति दल समेत छात्र संगठनों ने प्रदर्शन किया।
पंजाब के कई जिलों में कांग्रेसियों ने प्रदर्शन किया। चंडीगढ़ में विभिन्न संगठनों के लोगों ने मुंह पर काली पट्टी बांधकर मौन प्रदर्शन किया। राजस्थान के बांसवाड़ा में कांग्रेस और भारत आदिवासी पार्टी (बीएपी) के कार्यकर्ताओं को नियंत्रित करने के लिए लाठीचार्ज करना पड़ा।







