सवाई माधोपुर। जिला मुख्यालय के श्याम वाटिका, जीनापुर एवं हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी इलाके में उस समय हड़कंप मच गया, जब कूनो के जंगलों से निकलकर रणथंभौर पहुंचा चीता KP2 रिहायशी इलाके में दिखाई दिया। आबादी क्षेत्र में चीते की मौजूदगी से पूरे इलाके में डर और अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
चीता दिखाई देने के बाद स्थानीय निवासियों ने तुरंत वन विभाग को सूचना दी। जानकारी मिलते ही विभाग की टीम मौके पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया। वन विभाग फिलहाल चीते की ट्रैकिंग और गतिविधियों पर नजर बनाए हुए है।
ड्रोन कैमरों और आधुनिक उपकरणों से निगरानी : विशेषज्ञों और रेस्क्यू स्टाफ की मदद से इलाके की लगातार घेराबंदी की जा रही है, ताकि किसी भी तरह की जनहानि से बचा जा सके। वन विभाग की टीम ड्रोन कैमरों और अन्य आधुनिक उपकरणों की सहायता से चीते की लोकेशन पर नजर रख रही है।
वन विभाग के अधिकारियों के सामने सबसे बड़ी चुनौती चीते को सुरक्षित पकड़ना और उसे उसके प्राकृतिक आवास में वापस छोड़ना है। रिहायशी क्षेत्र में लगातार लोगों की आवाजाही होने के कारण स्थिति और अधिक संवेदनशील बनी हुई है।
लोगों से घरों में रहने की अपील : वन प्रशासन ने क्षेत्र के लोगों से अपील की है कि वे घरों में ही रहें और किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें। साथ ही बच्चों और बुजुर्गों को विशेष सावधानी बरतने के निर्देश भी दिए गए हैं।
जोन नम्बर 9 से रिहायशी क्षेत्र तक पहुंचने की संभावना : गौरतलब है कि कूनो से निकलकर रणथंभौर पहुंचे चीते KP2 का मूवमेंट पहले रणथंभौर के जोन नम्बर 9 में था, लेकिन संभावना जताई जा रही है कि बाघ, बाघिन एवं पैंथर के दबाव के चलते वह जोन नम्बर 9 से निकलकर जिला मुख्यालय के रिहायशी इलाके में पहुंच गया।
खेतों के बीच बना हुआ है मूवमेंट : फिलहाल चीते का मूवमेंट श्याम वाटिका एवं जीनापुर के बीच खेतों में बना हुआ है और वन विभाग की टीम लगातार उसकी मॉनिटरिंग में जुटी हुई है। यह घटना एक बार फिर मानव और वन्यजीवों के बीच बढ़ते टकराव को उजागर करती है।







