जयपुर। लश्कर-ए-तैयबा का आतंकी उमर हारिस उर्फ खरगोश करीब एक साल तक जयपुर में रहा था। सूत्रों के अनुसार, साल, 2023 में खरगोश हरियाणा के नूंह-मेवात से जयपुर आया और अगस्त 2024 तक यहां रहा था। जयपुर में वह जयसिंहपुरा खोर में किराये के घर रहा था। यहां एक निजी फर्म में नौकरी करने के दौरान उसने कई इलाकों की रेकी की थी। उसने जयपुर में ही पहचान बदलकर निकाह किया। निकाह करने के लिए उसने खुद का नाम सज्जाद बताया और फिर बाद में वह फर्जी पासपोर्ट के सहारे देश से फरार हो गया।
नूंह-मेवात के लोगों ने की मदद
इस काम में नूंह-मेवात के चार लोगों ने उसकी मदद की थी, जो काफी समय से जयपुर में रह रहे थे। सुरक्षा एजेंसियों ने इन चारों के नाम सार्वजनिक नहीं किए हैं। हालांकि, राजस्थान और जम्मू-कश्मीर एटीएस ने उनसे पूछताछ की है। सूत्रों के अनुसार, जयपुर में वह जयसिंहपुरा खोर में किराये के घर रहा था। उसने किरायानामा एवं निकाह के दस्तावेज के आधार पर फर्जी पासपोर्ट भी बनवा लिया था।
कब हुआ मामले का खुलासा?
पूरे मामले का राजफाश तब हुआ जब श्रीनगर पुलिस ने एक अंतरराज्यीय माड्यूल के पांच लोगों को गिरफ्तार किया। सूत्रों के अनुसार, अगले एक-दो दिन में इस बारे में एटीएस अधिकारिक रूप से घोषणा कर सकती है।







