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मेक्सिको के दिग्गज गोलकीपर ने रचा इतिहास : मैच के बाद फुटबॉल से लिया संन्यास, जानें कौन है खिलाड़ी

मेक्सिको के दिग्गज गोलकीपर गिलेर्मो ‘मेमो’ ओचोआ ने पेशेवर फुटबॉल को अलविदा कह दिया। फीफा विश्वकप 2026 में चेकिया के खिलाफ ग्रुप चरण के आखिरी मुकाबले में मैदान पर उतरते ही उन्होंने एक बड़ा रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया। 40 वर्ष और 346 दिन की उम्र में ओचोआ विश्वकप में मेक्सिको का प्रतिनिधित्व करने वाले सबसे उम्रदराज खिलाड़ी बन गए। इसी के साथ उन्होंने अपने शानदार करियर का अंत भी कर दिया।

मेक्सिको के अनुभवी गोलकीपर गिलेर्मो ओचोआ ने फीफा विश्वकप 2026 में अपने देश के लिए आखिरी मुकाबला खेलते हुए इतिहास रच दिया। चेकिया के खिलाफ ग्रुप-ए के मुकाबले में वह 77वें मिनट में मैदान पर उतरे और इसी के साथ विश्वकप में मेक्सिको का प्रतिनिधित्व करने वाले सबसे उम्रदराज खिलाड़ी बन गए। ओचोआ ने यह उपलब्धि 40 वर्ष और 346 दिन की उम्र में हासिल की। उन्होंने मेक्सिको के पूर्व कप्तान राफा मार्केज का रिकॉर्ड तोड़ा, जिन्होंने 2018 विश्वकप में 39 वर्ष और 139 दिन की उम्र में यह उपलब्धि हासिल की थी।

छह विश्वकप खेलने वाले चुनिंदा खिलाड़ियों में शामिल :  चेकिया के खिलाफ मुकाबले में उतरने के साथ ही ओचोआ विश्व फुटबॉल के उन चुनिंदा खिलाड़ियों की सूची में शामिल हो गए जिन्होंने छह फीफा विश्वकप खेले हैं। इस सूची में अब उनके साथ अर्जेंटीना के लियोनल मेसी और पुर्तगाल के क्रिस्टियानो रोनाल्डो भी शामिल हैं। ओचोआ 2006 और 2010 विश्वकप में रिजर्व गोलकीपर थे, जबकि 2014, 2018 और 2022 में उन्होंने मेक्सिको के लिए शुरुआती गोलकीपर की भूमिका निभाई।
ओचोआ मैच के बाद हुए भावुक :  मेक्सिको की 3-0 की जीत के बाद ओचोआ ने फैंस के बारे में कहा, ‘सबसे खूबसूरत बात यह है कि लोग आपके प्रयासों को पहचानते हैं। मैं हमेशा उनके लिए अपना सर्वश्रेष्ठ देने और एक छाप छोड़ने की कोशिश करता हूं। मुझे लगता है कि आज इससे बेहतर विदाई नहीं हो सकती थी।’ ओचोआ के लिए विदाई का मंच भी खास था। उनका आखिरी मैच एज़्टेका स्टेडियम में हुआ, वही मैदान जहां उन्होंने 2004 में क्लब अमेरिका के लिए पेशेवर फुटबॉल में डेब्यू किया था।

ओचोआ ने कहा, ‘मैंने उस स्टेडियम में लोगों का प्यार महसूस किया, जहां मेरा फुटबॉल सफर शुरू हुआ और जहां मैं बड़ा हुआ। जब मैं स्टैंड्स में बैठा करता था, तब सोचता था कि मैं मैदान पर उतरना चाहता हूं और इसी स्टेडियम में खेलना चाहता हूं।’

मेक्सिको ने पहली बार जीते तीनों ग्रुप मैच :  ओचोआ की विदाई वाले मैच में मेक्सिको ने चेकिया को 3-0 से हराया। दूसरे हाफ में माटेओ चावेज, जूलियन क्विनोनेस और अल्वारो फिडाल्गो ने गोल दागे। इस जीत के साथ मेक्सिको ने अपने इतिहास में पहली बार विश्वकप के ग्रुप चरण के तीनों मुकाबले जीते। इससे पहले उसका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन दो जीत और एक ड्रॉ का रहा था, जो 1986 और 2002 में देखने को मिला था।

युवा और अनुभवी खिलाड़ियों का अनोखा संगम :  यह मुकाबला मेक्सिको के फुटबॉल अतीत और भविष्य दोनों की झलक लेकर आया। 17 वर्षीय गिल्बर्टो मोरा विश्वकप मैच शुरू करने वाले मेक्सिको के सबसे युवा खिलाड़ी बने, जबकि 40 वर्षीय ओचोआ ने अपने लंबे और सफल करियर को यादगार अंदाज में अलविदा कहा।
विश्वकप के बाद अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल से संन्यास :  ओचोआ पहले ही संकेत दे चुके थे कि विश्वकप 2026 के बाद वह अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल को अलविदा कह देंगे। हालांकि चेकिया के खिलाफ मुकाबला संभवतः मेक्सिको के लिए उनका आखिरी मैच साबित हुआ। उनकी वापसी का रास्ता तब खुला जब टीम के नियमित गोलकीपर लुइस एंजेल मालागोन चोटिल हो गए। इसके बाद ओचोआ को एक बार फिर विश्वकप टीम में मौका मिला और उन्होंने इस अवसर को ऐतिहासिक बना दिया।

नॉकआउट में पहुंचा मेक्सिको :  ग्रुप-ए में शीर्ष स्थान हासिल करने वाला मेक्सिको अब राउंड ऑफ 32 में प्रवेश कर चुका है। टीम अपना अगला मुकाबला एस्टाडियो एज़्टेका में खेलेगी, जहां उसका सामना किसी अन्य ग्रुप की क्वालिफाई करने वाली टीम से होगा।

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