तेहरान। ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ता तनाव कम होने का नाम ही नहीं ले रहा हैं। दोनों देश अपने-अपने हिसाब के कई बड़े दावे कर रहे हैं। कभी अमेरिका कहता है कि ईरान में सत्ता परिवर्तन हो चुका है। वहीं, इन सबके बीच ईरान की ओर से भी बड़ा दावा किया गया है।
ईरान के सरकारी मीडिया ने कहा है कि उसकी सेना ने एक और अमेरिकी F15E स्टील्थ लड़ाकू विमान को मार गिराया है। एजेंसी ने विमान के मलबे की तस्वीरें भी जारी की हैं और कहा है कि यह विमान अमेरिका के लेकनहीथ स्क्वाड्रन का था। रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि विमान पूरी तरह तबाह हो गया और पायलट के बचने की संभावना बहुत कम है।
ईरान के सरकारी टीवी से जुड़े एक स्थानीय चैनल ने दावा किया है कि दक्षिण-पश्चिमी ईरान में एक अमेरिकी लड़ाकू विमान का पायलट पैराशूट के जरिए बाहर निकल गया। चैनल ने लोगों से अपील की कि यदि कोई पायलट को जिंदा पकड़कर पुलिस को सौंपता है तो उसे इनाम दिया जाएगा। एजेंसी के मुताबिक, अमेरिका ने ब्लैक हॉक हेलीकॉप्टर और C-130 विमान से रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया, लेकिन सफलता नहीं मिली। पायलट की स्थिति स्पष्ट नहीं है। हालांकि इस दावे पर अभी तक अमेरिका की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है और मामले की पुष्टि नहीं हो सकी है।
A region where Iran and the United States have been searching for #two American pilots since this morning. pic.twitter.com/cSCfkQvyaA
— IRIB (Islamic Republic of Iran Broadcasting) (@iribnews_irib) April 3, 2026
क्या सच में ईरान ने दूसरा F15E गिराया?
ईरान का दावा है कि पिछले 24 घंटों में यह दूसरा F15E विमान है जिसे मार गिराया गया है। इससे पहले 2 अप्रैल और 23 मार्च को भी ऐसे ही दावे किए गए थे। ईरान लगातार कह रहा है कि उसने अमेरिकी आधुनिक लड़ाकू विमानों को निशाना बनाया है और उन्हें गिराया है।
एआई ने क्या बताया?
- तस्वीरों में F15E की पहचान से जुड़े जरूरी फीचर्स नहीं दिखते।
- मलबे पर अमेरिकी एयरफोर्स के सामान्य निशान (USAF स्टार, टेल कोड) नजर नहीं आते।
- तस्वीरों में दिख रहा डिजाइन F15E के स्टील्थ स्ट्रक्चर से मेल नहीं खाता।
- कुछ हिस्सों पर EUROPE लिखा दिख रहा है, जो संदिग्ध माना गया।
- यह किसी पुराने विमान के मलबे की तस्वीर हो सकती है।
- तस्वीरों में F15E की खास कोटिंग और मटेरियल के संकेत नहीं हैं।
- किसी स्वतंत्र या विश्वसनीय स्रोत से इन दावों की पुष्टि नहीं हुई है।
क्या पहले भी ऐसे दावे हुए हैं? : 23 मार्च के मामले में अमेरिका ने कहा था कि उसका एक F15E विमान मिशन के बाद तकनीकी कारणों से मध्य पूर्व के एक बेस पर सुरक्षित उतरा था। वहीं 2 अप्रैल के दावे को भी अमेरिका ने खारिज कर दिया था। इससे साफ है कि दोनों देशों के बीच सूचना युद्ध भी चल रहा है।
बढ़ेगा खतरा? : ईरान और अमेरिका के बीच यह टकराव लगातार बढ़ता जा रहा है। फरवरी से शुरू हुआ यह संघर्ष अब नए दावों और जवाबी बयानों में बदल गया है। ऐसे हालात में क्षेत्रीय तनाव बढ़ने का खतरा है, खासकर होर्मुज जैसे अहम इलाके में जहां से दुनिया का बड़ा तेल व्यापार गुजरता है।







