भारतीय टीम के कप्तान शुभमन गिल ने वनडे क्रिकेट को 40 ओवर का करने के प्रस्ताव का स्पष्ट विरोध किया है। उनका मानना है कि 50 ओवर का प्रारूप अपनी पहचान और प्रतिष्ठा बनाए रखे। साथ ही उन्होंने द्विपक्षीय (Bilateral) सीरीज की जगह त्रिकोणीय (Tri-Series) और चतुष्कोणीय (Quadrangular Series) टूर्नामेंट आयोजित करने की वकालत की, ताकि वनडे क्रिकेट को फिर से अधिक आकर्षक बनाया जा सके।
चोटों से बदली टीम की योजनाएं : गिल ने बताया कि नीतीश कुमार रेड्डी और हर्षित राणा की चोट के कारण टीम प्रबंधन को अपनी योजनाओं में बदलाव करना पड़ा। उन्होंने कहा, ‘हम चाहते थे कि इन खिलाड़ियों को विश्व कप से पहले ज्यादा से ज्यादा मैच खिलाए जाएं ताकि वे पूरी तरह तैयार हो सकें। लेकिन चोटों के कारण हमें संयोजन बदलना पड़ा। फिर भी ऐसा नहीं है कि हमारी टीम अस्थिर है।’
बड़े मैचों का अनुभव देगा फायदा : गिल ने उम्मीद जताई कि इंग्लैंड और आगामी न्यूजीलैंड सीरीज में खिलाड़ियों को बड़े मुकाबलों का अनुभव मिलेगा, जिससे वे दबाव की परिस्थितियों में बेहतर प्रदर्शन करने के लिए तैयार होंगे। उन्होंने कहा, ‘अगर खिलाड़ियों को इंग्लैंड और न्यूजीलैंड जैसी मजबूत टीमों के खिलाफ खेलने का मौका मिलेगा तो वे दबाव में बेहतर प्रदर्शन करना सीखेंगे, जिसका फायदा विश्व कप में मिलेगा।’







