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मशहूर प्लेबैक सिंगर एस. जानकी को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने दी श्रद्धांजलि, बोलीं- ‘भारत ने खो दिया संगीत का सच्चा आइकॉन’

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने रविवार को मशहूर प्लेबैक सिंगर एस. जानकी को श्रद्धांजलि दी और उन्हें संगीत की एक ऐसी हस्ती बताया जिनकी आवाज भाषाओं की सीमाओं से परे थी। X पर शेयर किए गए एक संदेश में, राष्ट्रपति मुर्मू ने जानकी की असाधारण गायकी को याद किया और कहा कि छह दशकों से ज्यादा लंबे उनके करियर ने भारतीय सिनेमा और संगीत पर गहरी छाप छोड़ी है।

पोस्ट शेयर कर दी श्रद्धांजलि :  राष्ट्रपति ने लिखा, ‘मशहूर प्लेबैक सिंगर एस. जानकी अम्मा के निधन से भारत ने संगीत की एक महान हस्ती को खो दिया है। उनकी असाधारण गायकी ने कई पीढ़ियों को मंत्रमुग्ध किया। उनका शानदार करियर छह दशकों से ज्यादा समय तक चला, जिसके दौरान उन्होंने हिंदी, ओडिया, तुलु, उर्दू, पंजाबी और बंगाली सहित लगभग 20 भारतीय भाषाओं में हजारों गाने रिकॉर्ड किए। उनका सदाबहार संगीत हमेशा अनमोल रहेगा। मैं उनके परिवार और अनगिनत प्रशंसकों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करती हूं।’  इससे पहले, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी गायिका के निधन पर शोक व्यक्त किया और इसे संगीत और संस्कृति की दुनिया के लिए कभी न पूरी होने वाली क्षति बताया। उनकी बेजोड़ बहुमुखी प्रतिभा को याद करते हुए, प्रधानमंत्री ने कहा कि एस. जानकी के गानों ने हर भावना को आवाज़ दी और वे पीढ़ियों तक सुनने वालों को मंत्रमुग्ध करते रहेंगे।

दक्षिण भारत की नाइटिंगेल के नाम से मशहूर एस. जानकी का शनिवार को मैसूर के अपोलो अस्पताल में उम्र से जुड़ी स्वास्थ्य समस्याओं के कारण निधन हो गया। वह 88 वर्ष की थीं।

6 दशकों छाया रहा आवाज का जादू

रिपोर्ट्स के मुताबिक, तबीयत बिगड़ने के बाद अनुभवी गायिका को दिन की शुरुआत में अस्पताल में भर्ती कराया गया था। भारत की सबसे मशहूर प्लेबैक सिंगर्स में से एक, जानकी का करियर छह दशकों से ज्यादा समय तक शानदार रहा। उन्होंने कई भारतीय भाषाओं में हजारों गाने रिकॉर्ड किए और अपनी बहुमुखी प्रतिभा, भावपूर्ण गायकी और भारतीय सिनेमा में अहम योगदान के लिए व्यापक प्रशंसा हासिल की। इतना ही नहीं उनके कई गाने सुपरहिट रहे और लंबे समय तक लोगों की जुबान पर चढ़े रहे। उनके निधन से संगीत जगत में शोक की लहर देखने को मिली थी।

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