नई दिल्ली। भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल ने मंगलवार को नई दिल्ली में आयोजित 16वीं ब्रिक्स राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों की बैठक में हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने वैश्विक सुरक्षा और आर्थिक स्थिरता को लेकर कई महत्वपूर्ण बातें कहीं। उन्होंने विशेष रूप से अमेरिका और ईरान के बीच हुए हालिया समझौते (MoU) का स्वागत किया और इसे दुनिया के लिए एक सकारात्मक कदम बताया।
बैठक में एनएसए अजीत डोभाल ने कहा कि ब्रिक्स (BRICS) केवल देशों का समूह नहीं है। ये दुनिया की लगभग आधी आबादी का एक साझा घर है। उन्होंने कहा कि आज जब दुनिया अस्थिरता और तनाव का सामना कर रही है, तब ब्रिक्स की भूमिका बहुत खास हो जाती है।
आंकड़ों का हवाला देते हुए उन्होंने बताया कि ब्रिक्स देशों में 3.9 अरब लोग रहते हैं, जो दुनिया की कुल आबादी का लगभग 49 प्रतिशत है। यह समूह वैश्विक अर्थव्यवस्था में 30 प्रतिशत से ज्यादा का योगदान देता है। डोभाल ने कहा कि ब्रिक्स का मकसद एक ऐसी दुनिया बनाना है जहां सबकी आवाज सुनी जाए और विकासशील देशों के हितों की रक्षा हो सके।
सुरक्षा चुनौतियां और आतंकवाद पर चिंता : एनएसए डोभाल ने मौजूदा वैश्विक हालात को काफी मुश्किल बताया। उन्होंने कहा कि दुनिया इस समय सैन्य संघर्षों, आर्थिक दबाव और बदलती तकनीक की चुनौतियों से जूझ रही है। उन्होंने चिंता जताई कि पुरानी संस्थाएं और नियम इन झगड़ों को सुलझाने में नाकाम साबित हो रहे हैं।







