Home » आदतन शराबी सचिव हुआ बेलगाम : मानदेय राशि आहरण के लिये पंच-सरपंच से मांगा 10 हजार कमीशन, लाखों के गबन की जांच भी दो वर्ष से लंबित
कोरबा

आदतन शराबी सचिव हुआ बेलगाम : मानदेय राशि आहरण के लिये पंच-सरपंच से मांगा 10 हजार कमीशन, लाखों के गबन की जांच भी दो वर्ष से लंबित

कोरबा-पाली। अपनी हरकतों से लगातार सुर्खियों में रहने वाले भ्रष्ट एवं आदतन शराबी सचिव निर्मलदास मानिकपुरी ने मानदेय राशि का आहरण करने के लिए पंच- सरपंच से 10 हजार कमीशन राशि की मांग की, जिससे क्षुब्ध होकर सरपंच व पंचों ने इसकी शिकायत जनपद सीईओ से करने का मन बना लिया है।पाली जनपद अंतर्गत मुनगाडीह ग्राम पंचायत की जिम्मेदारी सचिव निर्मलदास को सौंपी गई है। उक्त सचिव ने पंच- सरपंच से मानदेय की राशि आहरण के लिये 10 हजार कमीशन की मांग रखी। सरपंच रामानंद उइके एवं पंच पति खेलू श्रीवास ने बताया कि सरपंच और पंचों के मानदेय राशि पंचायत खाते में आने पर प्रस्ताव बना आहरण करने सचिव निर्मलदास को कहा गया, तब सचिव ने 10 हजार कमीशन देने पर मानदेय राशि आहरण की बात कही। सरपंच ने बताया कि सचिव की कार्यप्रणाली को लेकर पंचों और गांव की जनता खासे परेशान है। जहां डेढ़ माह पूर्व कलेक्टर जनदर्शन में शिकायत कर सचिव को हटाने मांग की गई थी, किन्तु आज पर्यन्त कोई कार्यवाही नही हुई। बता दें कि सचिव निर्मलदास मानिकपुरी आदतन रूप से शराबी है तथा इनकी कार्यशैली हमेशा से विवादों में रही है। वही अपने भ्रष्ट आचरण के कारण तीन बार निलंबित भी हो चुके है। इन पर जेमरा पंचायत कार्यकाल के दौरान लाखों के गबन मामले पर जांच व वसूली की कार्यवाही दो वर्ष से प्रशासन में लंबित है। वर्तमान में सचिव निर्मल को मुनगाडीह की जवाबदेही सौंपी गई है, लेकिन इनके आचरण में कोई सुधार नही हुआ। सचिव के मनमाने रवैये से परेशान सरपंच ने बताया कि सचिव बहुत कम समय के लिए कभी- कभी ग्राम पंचायत में आते हैं तथा कोई काम लेकर जाने पर वह आनाकानी करने के साथ ही हितग्राहियों को बार- बार एक ही काम के लिए चक्कर कटवाते हैं। इसके अलावा ग्राम सभा का भी आयोजन नही किया जाता। जिससे पंचायत में होने वाले विकास कार्य भी रुके हुए है। सरपंच व पंचों ने सचिव को पंचायत से हटाने जनपद सीईओ को शिकायत पत्र सौंपने का मन बना लिया है।

Search

Archives