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कोरबा

बिना कुछ सोचे-समझे कोई भी मैसेज फारवर्ड करना पड़ सकता है महंगा

0 विधिक जागरूकता शिविर का हुआ आयोजन

0 स्कूली छात्र.छात्राओं को साइबर क्राइम एवं संरक्षण अधिनियमों की दी गई जानकारी


कोरबा। छात्र-छात्राओं को जागरूक करने के लिए विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन डीएवी मुख्यमंत्री पब्लिक स्कूल खरमोरा में किया गया। शिविर में विक्रम प्रताप चन्द्रा, विशेष न्यायाधीश के द्वारा बताया गया कि अपने व्यवहार से यदि किसी दूसरे व्यक्ति को बुरा लगता है चाहे वे शब्दों से क्यों न हो अपराध होता है। कोई भी शब्द जिससे दूसरे व्यक्ति को आहत या बुरा लगता है अपराध की श्रेणी में आता है। उनके द्वारा लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम से संबंधित जानकारी देते हुये छात्र-छात्राओं के द्वारा पूछे गये सवाल, प्रथम सूचना रिपोर्ट, एफआईआर क्रिमिनल प्रोसिजर एक्ट, गुड-टच बेड टच, मोटर दुर्घटना दावा अधिनियम के साथ विधिक सेवा अधिनियम की जानकारी दी।
कृष्ण कुमार सूर्यवंशी, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट कोरबा के द्वारा मोटर दुर्घटना अधिनियम की जानकारी देते हुये कहा गया कि आज की स्थिति में मोबाईल फोन का सभी उपयोग कर रहे हैं, बिना कुछ सोचे समझे कोई भी मैसेज को फारवर्ड कर दिया जाना भविष्य में आपके लिये मुश्किल खड़ा कर देगा। पुलिस के द्वारा सायबर सेल से आसानी से आपके मोबाईल के द्वारा भेजे गये मैसेज को पढ़ लिया जाता है। अतः मोबाईल का ज्यादा से ज्यादा ज्ञान अर्जन करने में उपयोग किया जावें। बिना ड्रायविंग लाईसेंस, बिना आरसी बुक, वाहन के बीमा बिना वाहन का चालन कदापि न करें। इसके अतिरिक्त लैंगिक अपराधों से बालको का संरक्षण अधिनियम 012, किशोरी बालिकाओं के प्रति समाज में बढ़ते अपराध, आईटी एक्ट, मोटरयान अधिनियम के कानूनी प्रावधान से संबंधित जानकारी दी गई।

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