धमतरी के चर्चित ट्रिपल मर्डर मामले में अदालत ने करीब एक साल बाद फैसला सुनाते हुए पांच आरोपियों को उम्रकैद की सजा दी है। फैसले के बाद मृतकों के परिजनों ने नाराजगी जताते हुए कोर्ट परिसर में विरोध किया और दोषियों को फांसी देने की मांग की। अपर सत्र न्यायाधीश मोहन कोर्राम की अदालत ने मामले में अन्य धाराओं के तहत भी सजा निर्धारित की है।
फैसले के बाद परिजनों का आक्रोश
अदालत का फैसला सुनाए जाने के बाद मृतकों के परिजनों और महिलाओं ने कोर्ट परिसर के बाहर नाराजगी जाहिर की। कुछ महिलाओं ने आरोपियों की ओर चप्पल भी फेंकी। उनका कहना था कि तीन लोगों की हत्या के दोषियों को उम्रकैद पर्याप्त नहीं है और उन्हें फांसी की सजा मिलनी चाहिए। परिजनों ने कहा कि वे फांसी की सजा की मांग को लेकर आगे भी कानूनी लड़ाई जारी रखेंगे और जरूरत पड़ने पर उच्च अदालत का दरवाजा खटखटाएंगे।
कोर्ट परिसर में बढ़ते आक्रोश को देखते हुए पुलिस ने सभी आरोपियों को सुरक्षा घेरे में बाहर निकाला। पुलिसकर्मियों ने आरोपियों को किसी तरह भीड़ से बचाते हुए वाहन में बैठाया और जेल के लिए रवाना किया। मामले में अदालत के फैसले के बाद अब दोषियों के खिलाफ आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।







