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इस्राइल दौरा : ‘स्पीकर ऑफ द नेसेट’ सम्मान से नवाजे गए पीएम मोदी

तेल अवीव। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को इस्राइल के दो दिवसीय दौरे पर देश की संसद ‘नेसेट’ को संबोधित किया। पीएम नरेंद्र मोदी इस्राइली संसद को संबोधित करने वाले पहले भारतीय पीएम बने। इस्राइली संसद की ओर से पीएम मोदी को स्पीकर ऑफ द नेसेट का सर्वोच्च सम्मान मिला।

भारत और इस्राइल के बीच रणनीतिक संबंधों को मजबूत करने में उनके असाधारण योगदान को मान्यता देते हुए पीएम मोदी को ‘स्पीकर ऑफ द नेसेट मेडल’ से सम्मानित किया गया। इस्राइली संसद में प्रधानमंत्री के संबोधन के बाद नेसेट के अध्यक्ष अमीर ओहाना ने उन्हें यह सम्मान दिया।

इस्राइल और फलस्तीन दोनों देशों से मिला पीएम मोदी को सम्मान :  यह पदक प्रधानमंत्री द्वारा अपने व्यक्तिगत नेतृत्व के माध्यम से भारत और इस्राइल के बीच रणनीतिक संबंधों को मजबूत करने में किए गए असाधारण योगदान की मान्यता में प्रदान किया गया था। प्रधानमंत्री मोदी उन चुनिंदा विश्व नेताओं में से एक हैं, जिन्हें इस्राइल और फलस्तीन दोनों से शीर्ष पुरस्कार प्राप्त हुए हैं।

2018 में प्रधानमंत्री मोदी को ग्रैंड कॉलर ऑफ द स्टेट ऑफ पैलेस्टाइन से सम्मानित किया गया, जो विदेशी नेताओं के लिए सर्वोच्च फलस्तीनी सम्मान है। पीएम मोदी ने इस्राइल में हमास की ओर से सात अक्टूबर को किए गए नरसंहार की कड़ी निंदा की। पीएम मोदी ने इस बात पर जोर दिया कि उनका देश इस्राइल के प्रति सहानुभूति रखता है। उन्होंने कहा कि हम आपकी पीड़ा को समझते हैं। भारत इस समय और भविष्य में भी पूरी दृढ़ता के साथ इस्राइल के साथ खड़ा है।

आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई में इस्राइल के साथ भारत : पीएम मोदी
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत आतंकवाद विरोधी सभी कार्रवाइयों में इस्राइल के साथ मजबूती से खड़ा रहेगा। उन्होंने कहा कि आतंकवाद का मुकाबला करने के लिए निरंतर और समन्वित वैश्विक कार्रवाई की आवश्यकता है। भारत क्षेत्रीय शांति और स्थिरता में योगदान देने वाले सभी प्रयासों का समर्थन करता है।

अपने संबोधन में पीएम मोदी ने इस्राइल को ‘नवाचार और तकनीकी नेतृत्व की एक महाशक्ति’ बताया। उन्होंने कहा कि यह संयोजन भविष्योन्मुखी साझेदारी के लिए एक स्वाभाविक आधार बनाता है। वहीं, इस्राइली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा, ‘इस्राइल के एक महान मित्र, आपके यहां आने से पहले मैं इतना उत्साहित कभी नहीं हुआ था।’

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