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आलिया भट्ट के न्यूट्रिशनिस्ट ने फलों के जूस को बताया खतरनाक, जानें क्या कहा

हेल्थ एक्सपर्ट फलों के जूस को सेहत के लिए खतरनाक मानते हैं। न्यूट्रिशनिस्ट की मानें तो फ्रूट जूस सिर्फ मीठा घोल है जिससे शरीर को फायदे की जगह नुकसान हो सकता है। जबकि फलों को विटामिन और फाइबर से भरपूर माना जाता है।

फल डाइट का एक अहम हिस्सा होना चाहिए। क्योंकि फलों से शरीर को जरूरी पोषक तत्व, विटामिन, खनिज और फाइबर मिलते हैं। हालांकि हमेशा साबुत फल खाने की सलाह दी जाती है, खासकर मौसमी फल जरूर खाने चाहिए। लेकिन बहुत से लोग फलों को खाने की तुलना में जूस का सेवन करना ज्यादा पसंद करते हैं। लोगों को लगता है कि फलों का जूस शरीर के लिए ज्यादा फायदेमंद होता है। जबकि न्यूट्रिशनिस्ट फलों के जूस को सेहत के लिए खतरनाक मानते है। ये सिर्फ मीठा चीनी का घोल हैं।

आलिया भट्ट से लेकर अनन्या पांडे तक तमाम सेलिब्रिटी के न्यूट्रिशनिस्ट और डॉक्टर सिद्धांत भार्गव ने एक वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर किया है जिसमें उन्होंने फलों के जूस को सेहत के लिए खतरनाक माना है। खासकर बाजार में मिलने वाले फलों के जूस, पैकेज्ड जूस कुछ और नहीं बल्कि मीठा पानी होते हैं। फलों के रस आपकी हेल्थ के लिए अच्छे नहीं हैं बल्कि ये आपके शरीर में चीनी बढ़ाते हैं।

 जूस क्यों हानिकारक है?

न्यूट्रिशनिस्ट सिद्धांत भार्गव की मानें तो फल जूस से कहीं ज्यादा हेल्दी होते हैं। फलों में फाइबर, विटामिन और खनिज होते हैं और इन्हें खाने से शरीर को एकदम से ज्यादा मात्रा में शुगर नहीं मिलती है। जबकि जूस सिर्फ कलरफुल मीठे पानी से ज्यादा कुछ नहीं हैं। फलों के जूस में फाइबर न के बराबर होता है। जिससे ब्लड शुगर तेजी से हाई होता है।

फलों में मौजूद फाइबर फायदेमंद

फलों में मौजूद फाइबर, फलों में मौजूद शुगर को आपके खून में तुरंत अवशोषित होने से रोकता है, जिससे इंसुलिन का स्तर बढ़ता है और फल स्वस्थ रहते हैं। लेकिन जब जूस निकाला जाता है, तो फाइबर अलग हो जाता है। इसके अलावा, जूस निकालने की प्रक्रिया में ज्यादा हीट होने की वजह से विटामिन और मिनरल भी नष्ट हो जाते हैं और सिर्फ मीठा पानी ही बचता है।

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