राहत कार्य में जुटा प्रशासन
नई दिल्ली। देशभर के कई राज्यों में जारी भीषण वर्षा के चलते बड़े पैमाने पर तबाही मची हुई है। ऐसे में जम्मू-कश्मीर के कई जिलों में शनिवार रात से जारी भारी वर्षा और छह जगह बादल फटने से भारी तबाही हुई। सबसे अधिक प्रभावित जम्मू संभाग के राजौरी और पुंछ जिले हुए।
यहां नदी-नालों में बाढ़, भूस्खलन और मकान ढहने की घटनाओं में 12 लोगों की मौत हो गई और करीब 12 लोग अब भी लापता बताए गए हैं। कई वाहन बाढ़ में बह गए। सैकड़ों सरकारी ढांचों, दुकानों और मकानों को भारी क्षति पहुंची है। कई सड़कें बह गई तो जिला मुख्यालयों से संपर्क कट गया हैं।
राहत कार्यों में जुटा प्रशासन
पुलिस, प्रशासन, एसडीआरएफ, सेना और स्थानीय लोग राहत एवं बचाव कार्यों में जुटे हैं। राजौरी में बाढ़ में फंसे 11 लोगों और जम्मू में तीन युवकों को सुरक्षित निकाल लिया गया। खराब मौसम के चलते श्री अमरनाथ यात्रा, माता वैष्णो देवी और शिव खोड़ी की यात्राएं स्थगित रहीं। इस बीच, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने उपराज्यपाल मनोज सिन्हा और मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला से बात कर स्थित का जायजा जिया और हर संभव मदद का भरोसा दिलाया।
पुंछ जिले में बाढ़ और भूस्खलन से एक मकान मलबे में दब गया। इसमें कुल आठ लोग रह रहे थे। पांच के शव निकाल लिए गए, जबकि तीन की तलाश जारी है। यहां कुल 11 लोगों की मौत व कइयों के घायल होने की सूचना है। राजौरी में बेला स्थित नए बस अड्डे पर खड़े कई वाहन तेज बहाव में बह गए। कई सरकारी ढांचे, दुकानें और मकान क्षतिग्रस्त हुए। एक महिला का शव बरामद किया गया।







