उत्तराखंड के चमोली जिले के पीपलकोटी में निर्माणाधीन करीब 3 किलोमीटर लंबी टनल में गुरुवार शाम लैंडस्लाइड के बाद पानी रिसने लगा। मलबा और पानी भरने से टनल के अंदर काम कर रहे 22 मजदूर फंस गए। हादसे के बाद देर रात तक रेस्क्यू ऑपरेशन जारी रहा। हादसे में छत्तीसगढ़ के लोकेश्वर पुत्र सोन सिंह पोयम और भुनेश्वर पुत्र सुरेंद्र कुमार की मौत हो गई। दोनों मजदूर छत्तीसगढ़ के रहने वाले थे। वहीं, हादसे में छत्तीसगढ़ के सुनील दीवान पुत्र संतोष दीवान (20) और पेन सिंह पुत्र पीला सिंह (33) घायल हुए हैं।
हादसे में दो की मौत
- लोकेश्वर पुत्र सोन सिंह पोयम, छत्तीसगढ़
- भुनेश्वर पुत्र सुरेंद्र कुमार, छत्तीसगढ़
दो लोग हुए घायल
- सुनील दीवान पुत्र संतोष दीवान (20), छत्तीसगढ़
- पेन सिंह पुत्र पीला सिंह (33), छत्तीसगढ़
कैसे हुआ हादसा?
विष्णुगाड–पीपलकोटी जल विद्युत परियोजना की निर्माणाधीन टनल में अचानक बड़ी मात्रा में मलबा और पानी घुस आया। मलबा और पानी इतनी तेजी से आया कि करीब 28 मजदूर टनल के अंदर फंस गए। इनमें से 18 मजदूरों को बाहर निकाल लिया गया है। अब तक चार मजदूरों की मौत हो चुकी है, 13 का जिला अस्पताल में इलाज चल रहा है, जबकि एक घायल को हायर सेंटर रेफर किया गया है। वहीं, अभी भी 10 मजदूरों की तलाश जारी है।
हादसे में घायल छत्तीसगढ़ निवासी सुनील दीवान ने जिला अस्पताल में बताया कि वह टनल में सरिया बांधने का काम कर रहे थे। उस समय करीब 16-17 लोग टनल के अंदर मौजूद थे। अचानक करीब 150 मीटर दूर भारी भूस्खलन हुआ और मलबा, पानी व पत्थर तेज गति से टनल के अंदर घुस आए। मलबे के तेज दबाव से कई लोग दूर जा गिरे, जबकि कुछ मजदूर मलबे में दब गए।
ओडिशा निवासी जगेश्वर की मानें तो वह टनल से निकलने वाले पानी को पंप के जरिए बाहर भेजने का काम करता है। शाम करीब 6 बजे अचानक तेज आवाज सुनाई दी, जो बेहद भयावह थी। इसी दौरान टनल की बिजली भी गुल हो गई। हादसे के समय वह घटनास्थल से करीब डेढ़ किलोमीटर दूर था।