ओडिशा/झारसुगुडा। वेदांता एल्युमीनियम ने नई क्षमता और बेहतर कार्यक्षमता के दम पर सितंबर 2026 तिमाही में अब तक का अपना सबसे ज़्यादा तिमाही एल्युमीनियम उत्पादन हासिल किया है।
वेदांता एल्युमीनियम मेटल लिमिटेड के उत्पादन आंकड़ों के अनुसार, 6 अक्टूबर 2026 को कंपनी ने घोषणा की कि उसका एल्युमीनियम उत्पादन पांच प्रतिशत बढ़कर 6,49,000 टन हो गया है, जबकि पिछले साल इसी तिमाही में यह 6,17,000 टन था। कंपनी ने बताया कि यह उपलब्धि उसके नए स्मेल्टर से हुए उत्पादन और मौजूदा सुविधाओं में कार्यक्षमता में सुधार के कारण संभव हुई।
एल्यूमिना उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि : इसके अलावा, एल्यूमिना उत्पादन में 37 प्रतिशत की ज़बरदस्त वृद्धि हुई और यह 30 सितंबर 2026 को समाप्त तिमाही में 8,95,000 टन तक पहुंच गया, जो पिछले वर्ष के 5,30,000 टन से काफी अधिक है।
वेदांता एल्युमीनियम मेटल लिमिटेड ने बताया कि उसने 895 KT का तिमाही एल्यूमिना उत्पादन हासिल किया, जो साल-दर-साल 37 प्रतिशत की वृद्धि को दर्शाता है। यह मुख्य रूप से उसके विस्तार सर्किट (expansion circuit) के तेज़ी से बढ़ने और स्थिर होने के कारण हुआ।
साथ ही, ऑटोमोटिव सेक्टर और घरेलू डाउनस्ट्रीम उद्योगों से बढ़ती मांग के कारण वैल्यू-एडेड उत्पादों का उत्पादन साल-दर-साल 31 प्रतिशत बढ़कर 4,32,000 टन हो गया।
ओडिशा में कामकाज : वेदांता एल्युमीनियम ओडिशा के लांजीगढ़ में सबसे बड़ी एल्यूमिना रिफाइनरियों में से एक और झारसुगुडा में सबसे बड़े एल्युमीनियम स्मेल्टरों में से एक का संचालन करती है, साथ ही छत्तीसगढ़ के कोरबा में भारत एल्युमीनियम कंपनी लिमिटेड (BALCO) का भी संचालन करती है।
कंपनी के पास अपने बॉक्साइट और कोयले के स्रोत हैं, साथ ही लगभग 4.5 GW की कैप्टिव बिजली उत्पादन क्षमता भी है, जो डाउनस्ट्रीम मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम के विस्तार में मदद करती है।
उद्योग में एक प्रमुख खिलाड़ी के रूप में, वेदांता भारत के एल्युमीनियम उत्पादन में 50 प्रतिशत का योगदान देती है और उसने दुनिया भर के 60 से अधिक देशों में ग्राहकों का एक विविध आधार स्थापित किया है।







