बिजली कनेक्शन काटा गया
कटघोरा/लखनपुर। छत्तीसगढ़ के लखनपुर ग्राम में बिना वैध संचालन अनुमति के चल रही चावल मिल के खिलाफ पर्यावरण संरक्षण मंडल ने कठोर कार्रवाई की है। ग्रामवासियों द्वारा प्रदूषण की लगातार शिकायतों के बाद, मंडल की टीम ने 16 जुलाई 2025 को स्थल का निरीक्षण किया, जिसमें अनुराग राइस मिल यूनिट-2 को नियमों की अनदेखी करते हुए गैरकानूनी रूप से संचालित पाया गया।
क्या मिला निरीक्षण में?
निरीक्षण में यह स्पष्ट रूप से सामने आया कि, मिल के पास संचालन की वैध सहमति नहीं थी। इसके बावजूद औद्योगिक गतिविधियाँ पूरी गति से जारी थीं। यह कृत्य जल (प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण) अधिनियम, 1974 की धारा 25/26 और वायु (प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण) अधिनियम, 1981 की धारा 21 का सीधा उल्लंघन है।
पर्यावरण मंडल ने क्या कदम उठाया?
पर्यावरण संरक्षण मंडल ने इसे गंभीर मानते हुए, क्लोजर डायरेक्शन जारी किया। विद्युत विभाग को पत्र भेजकर संयंत्र की बिजली आपूर्ति काटने की अनुशंसा की।
बिजली कनेक्शन काटा गया
पर्यावरण निर्देशों के अनुपालन में, 19 जुलाई 2025 को विद्युत विभाग ने अनुराग राइस मिल की बिजली आपूर्ति बंद कर दी। मिल में पूरी तरह से उत्पादन ठप कर दिया गया है।
मंडल की चेतावनी
पर्यावरण संरक्षण मंडल ने स्पष्ट किया है कि, “किसी भी औद्योगिक इकाई द्वारा बिना वैध अनुमति के संचालन करना कानूनन अपराध है। ऐसा करना पर्यावरण और जनस्वास्थ्य दोनों के लिए घातक है।”
स्थानीय निवासियों को राहत की उम्मीद
लखनपुर ग्राम के निवासी लंबे समय से मिल द्वारा धूल, ध्वनि और जल प्रदूषण से परेशान थे। कार्रवाई के बाद अब उन्हें स्वच्छ वातावरण की उम्मीद है। यह कार्रवाई एक कड़ा संदेश है कि पर्यावरणीय नियमों की अनदेखी अब माफ नहीं की जाएगी। छत्तीसगढ़ में औद्योगिक इकाइयों को अब संचालन से पहले अनिवार्य अनुमतियां प्राप्त करना होगा, वरना सख्त प्रशासनिक कार्रवाई के लिए तैयार रहना पड़ेगा।







