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कोरबा छत्तीसगढ़

भारी बारिश में भरभराकर गिरा मिट्टी का घर, आंगनबाड़ी सहायिका मलबे में दबी, हालत गंभीर

कोरबा। कोरबा ब्लॉक के वनांचल ग्राम कुदरी चिंगार में मंगलवार सुबह भारी बारिश के बीच बड़ा हादसा हो गया। लगातार बारिश के कारण कमजोर हुआ मिट्टी का घर अचानक भरभराकर गिर पड़ा। हादसे के समय घर के अंदर घरेलू काम कर रही आंगनबाड़ी सहायिका बिफईया बाई उइके (49 वर्ष), पति बजरंग उइके, मलबे की चपेट में आ गईं। हादसे में वह गंभीर रूप से घायल हो गईं।

लगातार बारिश से कमजोर हो गया था मिट्टी का घर

बिफईया बाई कुदरी चिंगार, ग्राम पंचायत डोकरमना की आंगनबाड़ी सहायिका हैं। बताया जा रहा है कि क्षेत्र में लगातार हो रही बारिश के कारण मिट्टी से बना उनका घर कमजोर हो गया था। मंगलवार सुबह वह घर का काम कर रही थीं, तभी अचानक मकान का एक हिस्सा भरभराकर नीचे आ गिरा।

दीवार के नीचे दब गईं आंगनबाड़ी सहायिका

घर का हिस्सा गिरने के दौरान बिफईया बाई उसकी चपेट में आ गईं और मलबे के नीचे दब गईं। हादसे के बाद घर में अफरा-तफरी मच गई। परिजनों और ग्रामीणों ने तत्काल उन्हें मलबे से बाहर निकाला और इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाने की कोशिश शुरू की।

एंबुलेंस के लिए किया कॉल, समय पर नहीं पहुंची

हादसे के बाद परिजनों और ग्रामीणों ने एंबुलेंस के लिए फोन किया, लेकिन बताया जा रहा है कि समय पर एंबुलेंस मौके पर नहीं पहुंच सकी। घायल महिला की गंभीर हालत को देखते हुए ग्रामीणों ने इंतजार करने के बजाय वैकल्पिक व्यवस्था करने का फैसला किया।

सरपंच ने निजी वाहन से पहुंचाया अस्पताल

ग्राम पंचायत के सरपंच ने निजी वाहन की व्यवस्था कर घायल बिफईया बाई को उपचार के लिए लेमरू के सरकारी अस्पताल पहुंचाया। फिलहाल उनकी हालत गंभीर बताई जा रही है और अस्पताल में उनका उपचार जारी है।

भारी बारिश में कच्चे मकानों पर बढ़ा खतरा

लगातार बारिश के बीच कच्चे और मिट्टी से बने मकानों के कमजोर होने का खतरा बढ़ जाता है। कुदरी चिंगार में हुए इस हादसे ने एक बार फिर बारिश के मौसम में जर्जर और कमजोर मकानों को लेकर चिंता बढ़ा दी है। ग्रामीण क्षेत्रों में ऐसे घरों में रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।

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