कोनाक्री। पश्चिमी अफ्रीकी देश गिनी की राजधानी कोनाक्री में प्रकृति और सिस्टम की लापरवाही का ऐसा कहर बरपा जिसने पल भर में कई परिवारों की दुनिया उजाड़ दी। यहां भारी बारिश के बाद एक विशालकाय कचरे के डंपिंग यार्ड के अचानक ढह जाने से इसके आसपास बसी झुग्गियों और टेंट में सो रहे लोग जिंदा दफन हो गए। इस भीषण हादसे में अब तक 30 लोगों की दर्दनाक मौत हो चुकी है, जबकि दर्जनों लोग घायल हैं। रातों-रात हुए इस खौफनाक भूस्खलन ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है।
सरकार द्वारा जारी की गई जानकारी के अनुसार, यह भयानक हादसा कोनाक्री के ग्बेसिया इलाके में तड़क़े करीब दो बजे हुआ। जब पूरा इलाका गहरी नींद में था, तभी लगातार हो रही बारिश के कारण कचरे का विशाल पहाड़ भरभरा कर गिर पड़ा। इस तबाही की चपेट में आने से 30 लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी, वहीं छह लोग गंभीर रूप से घायल हैं और 16 अन्य को मामूली चोटें आई हैं। घटना की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार मलबा इतना ज्यादा था कि इसमें कई इमारतें और मकान आसानी से दब सकते थे।
फिलहाल बचाव दल भारी मशीनों के जरिए मलबे को हटाने और फंसे हुए लोगों को निकालने की जद्दोजहद में लगा हुआ है। इस हादसे ने कई परिवारों को ऐसे घाव दिए हैं जो शायद ही कभी भर पाएं। घटनास्थल पर तबाही का मंजर देखकर हर किसी की रूह कांप रही है। मलबे के पास खड़ी सिरे डियालो नाम की एक बेबस मां की आंखों के आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। इस दुखद भूस्खलन में उनके पांच बच्चों की मौत हो गई। उन्होंने रुंधे गले से बताया कि उनका पूरा संसार उजड़ गया है और अब उन्हें केवल भगवान का ही आसरा है।







