शिमला। हिमाचल प्रदेश में बारिश के बाद भूस्खलन जैसी घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रहीं। जहां प्रदेशभर में रुक-रुककर बारिश होती रही। वहीं, बारालाचा, कुंजुम और रोहतांग में हल्की बर्फबारी हुई। शिमला की भाकुफर स्थित फल मंडी के ऊपर शिव मंदिर के पास भूस्खलन के बाद पहाड़ी से मलबा व पत्थर गिरे। वहीं, भाकुफर फल मंडी में जब पत्थर व मलबा गिरा तो काफी वाहन खड़े थे।
वहीं, शिमला के टुटू में पत्थर गिरने से एक कार क्षतिग्रस्त हो गई। लाहुल स्पीति जिला का जाहलमा नाला छोटे-बड़े वाहनों के लिए बहाल हो गया। प्रदेश में करीब 136 संपर्क सड़क़ें बंद हैं। 64 ट्रांसफार्मर और 375 पेयजल योजनाएं भी प्रभावित हैं, वहीं, प्रदेश को बारिश और भूस्खलन से इस मानसून सीजन में एक हजार करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है, वहीं, बारिश से जुड़ी घटनाओं में 66 लोगों की मौत हो चुकी है।
प्रदेश में अभी तक जुलाई में 191 मिलीमीटर वर्षा हुई है, जो सामान्य से चार प्रतिशत अधिक है। सबसे अधिक वर्षा सिरमौर में 413 मिलीमीटर हुई है, जो सामान्य से 26 प्रतिशत अधिक है। हिमाचल प्रदेश स्टेट डिज़ास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटीके स्पेशल सेक्रेटरी पुष्पिंदर राणा ने समाचार एजेंसी एएनआई से बात करते हुए कि राज्य सरकार ने मानसून से काफी पहले हाई-लेवल तैयारी मीटिंग पूरी कर ली थीं, जिसमें सभी डिप्टी कमिश्नरों को जरूरी निर्देश और सपोर्ट मिला था। उन्होंने कहा कि किसी भी इमरजेंसी में तेज़ी से रिस्पॉन्स पक्का करने के लिए जिला प्रशासन को उनकी जरूरतों के आधार पर तुरंत मदद दी जा रही है।







