रायपुर। छत्तीसगढ़ में सक्रिय मानसून ने पूरे प्रदेश को बारिश से तरबतर कर दिया है। पिछले एक सप्ताह से लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के बीच बुधवार को राजधानी रायपुर में आषाढ़ के महीने में ही सावन जैसी झड़ी देखने को मिली। प्रदेश के करीब 30 स्थानों पर भारी से अति-भारी बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग ने अगले दो दिनों तक प्रदेश के कई जिलों में तेज बारिश का दौर जारी रहने की संभावना जताई है।
जुलाई का दूसरा मजबूत सिस्टम सक्रिय
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार जुलाई में यह दूसरा मजबूत मौसम तंत्र (सिस्टम) सक्रिय हुआ है, जिसका असर पूरे प्रदेश में देखने को मिल रहा है। बस्तर और सरगुजा संभाग के कुछ हिस्सों को छोड़कर अधिकांश जिलों में लगातार अच्छी बारिश हो रही है। इससे नदियों और जलाशयों का जलस्तर भी तेजी से बढ़ रहा है।
इन जिलों में आज भारी बारिश की संभावना
मौसम विभाग ने आज कोरबा, बलरामपुर, सूरजपुर, कोरिया, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, कबीरधाम, मुंगेली, बिलासपुर, जांजगीर-चांपा, रायगढ़ और जशपुर जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना जताई है। लोगों को मौसम खराब होने के दौरान सतर्क रहने और अनावश्यक रूप से घर से बाहर नहीं निकलने की सलाह दी गई है।
बीते 24 घंटे में यहां हुई सबसे ज्यादा बारिश
पिछले 24 घंटों के दौरान कई जिलों में भारी वर्षा दर्ज की गई।
सूरजपुर – 190 मिमी
अंबिकापुर – 100 मिमी
रायपुर – 80 मिमी
रायगढ़, डोंगरगांव, बलौदाबाजार, राजनांदगांव और माना – 70-70 मिमी
सारंगढ़ में सबसे ज्यादा बारिश
मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार इस मानसून सीजन में अब तक सारंगढ़ में सबसे अधिक 613 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई है, जो सामान्य से 373 प्रतिशत अधिक है।
अन्य प्रमुख जिले
जांजगीर-चांपा – 574 मिमी (सामान्य से अधिक)
मुंगेली – 525 मिमी (सामान्य से अधिक)
बिलासपुर – 492 मिमी (सामान्य से अधिक)
रायपुर – 150 मिमी (सामान्य स्थिति)
11 जिलों में अब भी बारिश की कमी
प्रदेश में अब तक औसतन 381 मिमी बारिश दर्ज की गई है, जो सामान्य से 17 प्रतिशत कम है। हालांकि कई जिलों में अच्छी बारिश हुई है, लेकिन 11 जिलों में अब भी सामान्य से कम वर्षा रिकॉर्ड की गई है।
इनमें प्रमुख रूप से
कांकेर – 257 मिमी (50ः कम)
सरगुजा – 249.9 मिमी (49ः कम)
कोंडागांव – 279 मिमी
मोहला-मानपुर – 265 मिमी
मौसम विभाग ने अगले 48 घंटों तक प्रदेश में मानसून के सक्रिय बने रहने और कई इलाकों में भारी बारिश की संभावना जताई है। प्रशासन ने निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने तथा जलभराव वाले क्षेत्रों से दूरी बनाए रखने की अपील की है।







