बीजापुर जिले के गंगालूर तहसील के ग्राम पंचायत पीड़िया जिसे कभी नक्सलवाद का गढ़ व नक्सलवाद की यूनिवर्सिटी के रूप में जाना जाता था, आज विकास की नई कहानी लिख रहा है। वर्षों तक सुरक्षा कारणों से शासन प्रशासन की पहुंच से दूर रहा यह गांव अब धीरे-धीरे विकास की मुख्यधारा से जुड़ रहा है।
31 मार्च 2026 के बाद परिस्थितियों में आए सकारात्मक बदलाव तथा आवागमन के लिए कच्चे मार्ग बनने से प्रशासन की नियमित पहुंच संभव हो सकी है। इसी क्रम में ग्रामीणों को शासन की मूलभूत सेवाओं से जोड़ने के उद्देश्य से ग्राम पंचायत पीड़िया में विशेष आधार नामांकन एवं अद्यतन शिविर का आयोजन किया गया। शिविर का संचालन तहसीलदार गंगालूर भोजराम डहरिया एवं नायब तहसीलदार बीजापुर रवेन्द्र सिन्हा के मार्गदर्शन में किया गया।







