रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा में आज बजट सत्र का चौथा दिन है। जैसा कि आज हंगामे के आसार थे, वैसा होता दिख रहा है। विपक्ष द्वारा जेल में कस्टोडियल डेथ के मुद्दे को उठाया गया है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सदन में प्रदेश की जेलों में कस्टोडियल डेथ और जेलों में क्षमता से अधिक कैदी का मुद्दा उठाया।
उन्होंने कस्टोडियल डेथ मामले में विधानसभा समिति से जांच की मांग की। इस मामले में विपक्ष ने हंगामा किया और नारेबाजी की। इस दौरान पूर्व सीएम ने पूछा कि जनवरी 2025 से लेकर 2026 तक जेलों में कितनी अस्वाभाविक मौतें हुई हैं। इस पर डिप्टी सीएम विजय शर्मा ने जवाब देते हुए कहा कि केंद्रीय जेलों में 66 लोगों की मौत हुई है। 18 प्रकरणों में न्यायिक जांच की कार्रवाई हुई। 48 प्रकरणों में जांच की कार्रवाई हो रही है।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता भूपेश बघेल ने कहा कि जीवन ठाकुर आदिवासी नेता थे, जनपद अध्यक्ष थे, जिनकी जेल में मौत हुई। उन्हें फर्जी केस में फंसाया गया। जीवन के साथ उनके लड़के को भी जेल में डाला गया। इस पर क्या कार्रवाई हुई? डिप्टी सीएम विजय शर्मा ने कहा कि जीवन ठाकुर कांकेर की जेल में थे। कोर्ट के आदेश से रायपुर जेल शिफ्ट किया गया। इलाज के बीच अस्पताल में डेथ हुई। फर्जी प्रकरण नहीं था।
भूपेश बघेल ने कहा कि जेल में रहने के बीच जीवन ठाकुर और उसके बेटे को जनप्रतिनिधियों से नहीं मिलने दे रहे थे। वह एक आदिवासी नेता थे, उनकी मृत्यु की जांच की घोषणा करेंगे? डिप्टी सीएम ने कहा कि इस केस में मजिस्ट्रियल जांच हो रही है।
पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने आगे पूछा कि 282 ड्रग्स के मामले हैं, कितने गिरफ्तार हुए? नव्या मलिक वाला प्रकरण शामिल है या नहीं, इसकी जानकारी दें? डिप्टी सीएम विजय शर्मा ने कहा कि हत्या, लूट और जघन्य अपराधों में 35 फीसदी वृद्धि नहीं कमी हुई है। 13 महीनों में हत्या के मामले तीन फीसदी कम हुए। लूट के मामलों में तीन फीसदी कमी आई है। 282 ड्रग्स केस में 705 आरोपियों में 605 आरोपियों की गिरफ्तारी हुई है। नव्या मलिक की जानकारी भी उपलब्ध कराई जाएगी।
धान खरीदी की समस्याओं को लेकर स्थगन प्रस्ताव
विपक्ष द्वारा सदन में प्रदेश में पूरी धान खरीदी नहीं हो पाने और धान खरीदी की समस्याओं को लेकर स्थगन प्रस्ताव दिया गया। नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत समेत विपक्ष के विधायकों ने धान कम खरीदी होने की वजह से किसानों को हुई समस्याओं से अवगत कराया। कहा कि किसान आत्महत्या करने को मजबूर हैं। सदन के अंदर विपक्ष ने जमकर नारेबाजी की। हंगामे के दौरान विपक्ष के विधायक वेल में पहुंच गए। इस दौरान वे निलंबित हुए।
विपक्ष द्वारा सदन में प्रदेश में पूरी धान खरीदी नहीं हो पाने और धान खरीदी की समस्याओं को लेकर स्थगन प्रस्ताव दिया गया। नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत समेत विपक्ष के विधायकों ने धान कम खरीदी होने की वजह से किसानों को हुई समस्याओं से अवगत कराया। कहा कि किसान आत्महत्या करने को मजबूर हैं। सदन के अंदर विपक्ष ने जमकर नारेबाजी की। हंगामे के दौरान विपक्ष के विधायक वेल में पहुंच गए। इस दौरान वे निलंबित हुए।
धान खरीदी नहीं हुई, किसान कर्ज में हैं: भूपेश बघेल
नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत ने कहा कि किसानों का धान खरीदा नहीं गया, टोकन देने में देरी की, खरीदी की सीमा में कमी की गई। प्रदेश के कई किसानों ने अपमानित होकर आत्महत्या का प्रयास किया। हमारे द्वारा सदन में स्थगन लाया गया, वेल में नारेबाजी की, जिसके बाद हमें निलंबित किया गया। पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने कहा कि धान खरीदी नहीं हुई। किसान कर्ज में हैं। सरकार द्वारा किसानों को चोर समझा जा रहा है। अधिकारी उनके खेत में भी जांच करने आए थे। लाखों किसानों की जांच अधिकारियों द्वारा की गई। कई किसान आत्महत्या करने को मजबूर हो रहे हैं। पूरे प्रदेश में स्थिति यही है। यह सुशासन नहीं कुशासन की स्थिति थी। कस्टोडियल डेथ के मामले में भूपेश बघेल ने कहा कि कस्टोडियल डेथ में आंकड़े बता नहीं पाए। जीवन ठाकुर की कस्टोडियल डेथ हुई। वह एक षड्यंत्र है। इसकी जांच कराने की मांग की गई है, जिससे वो (सरकार) बच रहे हैं।
नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत ने कहा कि किसानों का धान खरीदा नहीं गया, टोकन देने में देरी की, खरीदी की सीमा में कमी की गई। प्रदेश के कई किसानों ने अपमानित होकर आत्महत्या का प्रयास किया। हमारे द्वारा सदन में स्थगन लाया गया, वेल में नारेबाजी की, जिसके बाद हमें निलंबित किया गया। पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने कहा कि धान खरीदी नहीं हुई। किसान कर्ज में हैं। सरकार द्वारा किसानों को चोर समझा जा रहा है। अधिकारी उनके खेत में भी जांच करने आए थे। लाखों किसानों की जांच अधिकारियों द्वारा की गई। कई किसान आत्महत्या करने को मजबूर हो रहे हैं। पूरे प्रदेश में स्थिति यही है। यह सुशासन नहीं कुशासन की स्थिति थी। कस्टोडियल डेथ के मामले में भूपेश बघेल ने कहा कि कस्टोडियल डेथ में आंकड़े बता नहीं पाए। जीवन ठाकुर की कस्टोडियल डेथ हुई। वह एक षड्यंत्र है। इसकी जांच कराने की मांग की गई है, जिससे वो (सरकार) बच रहे हैं।
सदन में नक्सलवाद का मुद्दा : वहीं विधायक विक्रम मांडवी ने सदन में नक्सलवाद का मुद्दा उठाया। नक्सल पुनर्वास नीति को लेकर सवाल पूछा। उन्होंने कहा कि 1496 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया, इन्हें कितना इनाम दिया गया। उप-मुख्यमंत्री ने जवाब देते हुए कहा कि इनामी नक्सलियों के लिए 49 करोड़ रुपये दिया जाना है। तीन वर्ष में इन्हें राशि मिल जाएगी। अब तक पांच करोड़ रुपये की राशि दी जा चुकी है। मांडवी ने कहा कि दो नक्सलियों को सिर्फ पांच लाख रुपये की राशि दी गई है। बाकी राशि कब तक दी जाएगी। डिप्टी सीएम ने कहा कि शासकीय प्रक्रिया के तहत राशि मिलेगी। बैंक से तीन वर्ष बाद निकाल पाएंगे।
मामला कोर्ट में होने से रुका प्रमोशन : विधायक अनिला भेड़िया ने आईटीआई प्रशिक्षण अधीक्षक और रिक्त पदों का मुद्दा उठाया। इसपर मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने कहा कि प्राचार्य का प्रमोशन कोर्ट में होने से रुका हुआ था। सही समय पर अब सभी का प्रमोशन हो जाएगा। विधायक ने पूछा कि रिक्त पदों को कब तक भरा जाएगा। इस पर मंत्री ने कहा कि प्रशिक्षण प्राचार्य के 64 और प्रशिक्षण अधीक्षक के 209 पद रिक्त हैं। समय अवधि बताना संभव नहीं होगा लेकिन जल्द भर्ती होगी।
आंबेडकर अस्पताल में रिक्त पदों का मुद्दा : विधायक अजय चंद्राकर ने सदन में आंबेडकर अस्पताल में रिक्त पदों का मुद्दा उठाया। उन्होंने अस्पताल में मशीनों की जानकारी गलत देने की बात कही। सवाल पूछा कि क्या एनएमसी गाइडलाइन के हिसाब से मेडिकल कॉलेज का सेटअप बना है। एनएमसी के हिसाब से है, तो उसकी जांच होगी। मशीनों की जानकारी अधूरी दी गई है। इस पर स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि वित्तीय स्वीकृति नहीं ली गई थी, इसलिए पेट स्कैन मशीन की जांच हो रही है, इसलिए रिकॉर्ड में नहीं है।
विधानसभा में गिग वर्कर्स का मुद्दा : विधानसभा में बुधवार को तीसरे दिन की कार्यवाही के दौरान विधायक अजय चंद्राकर ने प्रदेश में गिग वर्कर्स के लिए श्रम कानून का मुद्दा उठाया था। उन्होंने कहा था कि जोमैटो, स्विगी, ब्लिंकिट, रैपिडो जैसी कई कंपनियां युवाओं का शोषण कर रही हैं। उन्होंने शोषण रोकने के लिए छत्तीसगढ़ में नियम बनाए जाने की मांग की थी। अजय चंद्राकर ने कहा कि प्रदेश में गिग वर्कर्स का दोहन हो रहा है। वे किस श्रेणी में आएंगे, क्या इनके लिए नियम बनाया जाएगा। उन्हें जवाब देते हुए मंत्री लखन लाल देवांगन ने कहा कि भारत सरकार का नियम बनेगा, तो हम पालन करेंगे। छत्तीसगढ़ में अफसरों की कमेटी बनाई गई थी, जो इसकी समीक्षा कर रहे हैं। जवाब सुन विधायक चंद्राकर ने कहा कि कई राज्यों ने इसे लेकर नियम और अधिनियम बना लिया है, क्या छत्तीसगढ़ में विचार होगा। मंत्री देवांगन ने कहा कि केंद्र सरकार नियम बना रही है। राज्य में इसका अनुसरण किया जाएगा। चंद्राकर ने कहा कि साल 2020 के अधिनियम के बाद नियम नहीं बने हैं। जब तक नियम नहीं बनेगा, छत्तीसगढ़ के युवा शोषित होते रहेंगे। इस पर मंत्री ने कहा कि समिति गठित की गई थी। प्रक्रिया के बीच केंद्र सरकार कुछ प्रावधान लाई। जो भी नियम से होगा, उसकी प्रक्रिया अपनाई जाएगी। जिसके बाद नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि वह मंत्री के जवाब से संतुष्ट होने वाले नहीं हैं।







